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मनरेगा में फर्जीवाड़े का खेल… खंडवा जनपद का एक गांव, पांच काम, एक ही महिला पांच जगह एक साथ कर रही मजदूरी

-एक एप के माध्यम से मनरेगा पोर्टल पर घर बैठे मजदूरों के फोटो साइट पर अपलोड -मुरैना से आए लोग खंडवा जिले में बेच रहे एप, जिलेभर की कई पंचायत सचिव, जीआरएस ने खरीदा

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खंडवा. सभी मस्टर में एक ही महिला (नीली साड़ी में) का फोटो अलग-अलग नाम से अपलोड किया गया।

खंडवा जिले में वीबी जी-राम-जी (मनरेगा) में फर्जीवाड़े का बड़ा खेल चल रहा है। मनरेगा में भ्रष्टाचार रोकने केंद्र सरकार ने इसके पोर्टल पर अपडेट किए और नाम बदलकर वीबी जी-राम-जी किया, लेकिन भ्रष्टाचारियों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया। एक मोबाइल एप के माध्यम से सारा खेल चल रहा है। पत्रिका ने एक ग्राम पंचायत में 26 मई को मनरेगा पोर्टल पर दर्ज कार्यों की जानकारी ली तो इसका खुलासा हुआ है। एक ही दिन में, एक ही महिला पांच जगह एक साईट पर अलग-अलग नाम से मजदूरी करते हुए दर्ज है।

एक ही मजदूर के फोटो कई जगह अपलोड
मामला खंडवा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बिजोराभील का है। यहां 26 मई को चार कार्य मनरेगा के तहत हुए है, जिसमें 98 मजदूरों ने मजदूरी की है। इसमें कई मजदूरों के फोटो अलग-अलग नाम से पोर्टल पर दर्ज किए है। सबसे बड़ी बात ये है कि सभी फोटो क्लोजअप शॉट में है, जिसमें सिर्फ चेहरा ही नजर आ रहा है, उस पर भी मजदूर का नाम दर्ज है। जबकि मनरेगा पोर्टल पर कार्यस्थल पर कार्य करते हुए ऑनलाइन ग्रुप फोटो अपलोड किए जाने का नियम है। कई फोटो तो ऐसे है, जिसमें पीछे घर के अंदर का भाग नजर आ रहा है। एक फोटो में मजदूर बकायदा चश्मा पहनकर फोटो खिंचवा रहा है। यानि साफ जाहीर है कि पूरी तरह से भ्रष्टाचार किया गया है।

भ्रष्टाचारी 6-6 हजार में खरीद रहे एप
सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ समय से जिले में मनरेगा फर्जीवाड़े का खेल एक एप के माध्यम से चल रहा है। मुरैना से आए कुछ लोगों द्वारा ग्राम पंचायतों में जाकर एक मोबाइल एप बेचा गया है। इस एप के माध्यम से मनरेगा पोर्टल पर मोबाइल गैलरी से भी किसी भी समय फोटो अपलोड कर अपने अनुसार समय डाला जा सकता है। कई ग्राम पंचायतों के सचिव, जीआरएस, मेट ने उक्त एप 6-6 हजार रुपए में खरीदा है, जो मजदूरों के पासपोर्ट फोटो मोबाइल में लेकर पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मनरेगा में सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक ही हाजरी भरने का प्रावधान है।

एक ही फोटो पांच नाम से अपलोड
ग्राम बिजौराभील, सचिव महेश शिंदे, मजदूरी दिनांक 26 मई 2026
मस्टर क्रमांक 5226 पर नीली साड़ी में बिंदी लगाए शोभाबाई
मस्टर क्रमांक 5683 पर नीली साड़ी में बिंदी लगाए कंचनबाई
मस्टर क्रमांक 5717 पर नीली साड़ी में बिंदी लगाए कविताबाई
मस्टर क्रमांक 5678 पर नीली साड़ी में बिंदी लगाए प्रभाबाई
मस्टर क्रमांक 5681 पर नीली साड़ी में बिंदी लगाए उषाबाई
मस्टर क्रमांक 5722 पर नीली साड़ी में बिंदी लगाए सुकमाबाई
नोट ये सभी फोटो एक ही महिला के है।
इसी तरह मस्टर क्रमांक 5717, 5681 और 5724 में छगन हरसिंह, इंदर और राजू नाम के मजदूर के नाम अलग-अलग है, लेकिन फोटो एक ही है।

अलग-अलग मस्टर में अलग-अलग काम
मस्टर क्रमांक 5678, 5683 और 5681 में पोखर तालाब निर्माण शुभमसिंह के खेत के पास करना बताया गया है।
मस्टर क्रमांक 5226 में पेयजल कूप कैंपस विकाय कार्य भिलटबाबा के पास कराया गया।
मस्टर क्रमांक 5717 में जल संवर्धन निर्माण कार्य पंडित के खेत के पास नाले पर किया गया।

जून से बंद हो जाएगा मनरेगा पोर्टल
मनरेगा में बारिश के पूर्व ही काम कराने का प्रावधान है, आगामी 15 जून से पोर्टल बंद हो जाएगा। इसके पहले भ्रष्टाचारी जमकर माल कूटने में लगे हुए है। उल्लेखनीय है कि एक मजदूर को एक दिन में 261 रुपए और सप्ताह में कुल 1566 रुपए मजदूरी दी जाती है। सौ लेबर सप्ताह भर चली तो कुल 156600 रुपए का भुगतान होता है। बड़ी बात ये है कि मजदूरी का रेश्यो पूरा नहीं होने मटेरियल का भी भुगतान रुक जाता है। मनरेगा में मजदूरी और मटेरियल का रेश्यो 60/40 का है।

हम इसकी जांच कराएंगे
मनरेगा में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है तो उसकी जांच करवा कर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। जो भी गलत काम करेगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, जिला पंचायत सीईओ