Omkareshwar Sanctuary: एमपी टूरिज्म में जल्द होगी नए अभयारण्य की एंट्री, सालाना 1700 करोड़ की कमाई का अनुमान, सीएम मोहन यादव ने कर दी है बड़ी घोषणा, रोजगार के अवसर से लेकर विकास को भी रफ्तार. तैयारियां शुरू
Omkareshwar Sanctuary: एमपी के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर अभयारण्य बनने से सालाना करीब 1700 करोड़ की नई अर्थव्यवस्था खड़ी होने का अनुमान है। इससे न केवल क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। आने वाले समय में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में ओंकारेश्वर अभयारण्य की अधिसूचना जारी करने की घोषणा की है। ओंकारेश्वर अभयारण्य को सिंहस्थ 2028 से पहले तैयार करने की योजना है। वन विभाग ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
करीब 61,406.09 हेक्टेयर में प्रस्तावित यह अभयारण्य (Omkareshwar Sanctuary)खंडवा जिले के विकास की नई इबारत लिखेगा। धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य के संगम के रूप में विकसित होने वाले इस अभयारण्य में प्रतिदिन 20 से 30 हजार पर्यटकों के आने का अनुमान है। इनके ठहरने, परिवहन, भोजन और अन्य सुविधाओं के लिए बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा।
-अभयारण्य (Omkareshwar Sanctuary) क्षेत्र तक पहुंच मार्ग का निर्माण।
- नए रेस्टोरेंट, होटल और रिसॉर्ट का विकास।
- सफारी के लिए जिप्सी और अन्य वाहन सुविधा।
- नर्मदा में क्रूज संचालन और टापुओं तक पहुंच व्यवस्था।
- ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे सुविधाएं।
1. अभयारण्य (Omkareshwar Sanctuary) के ईको टूरिज्म क्षेत्र में बोरियामाल व जल चौकी धारी कोटला है। जिसमें बोरियामाल 158.69 हेक्टेयर और जल चौकी का क्षेत्र 396.72 हेक्टेयर में हैं।
2. प्रस्तावित अभयारण्य में मूंदी रेंज में 31 और चांदगढ़ रेंज में 21 टापू हैं। अभयारण्य बन जाने से इन टापुओं को भी पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा।
3. अभयारण्य में सागौन, सालई और धावड़ा वनस्पति पाई जाती है। हर वर्ष तेंदूपत्ता 7 हजार 985 माणक बोरा आवक होती है। जिससे 1 करोड़ 21 लाख 46 हजार की आय विभाग को हो रही है।
4. अभयारण्य का बड़ा हिस्सा इंदिरा सागर परियोजना से घिरा हुआ है। यहां तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, सियार बहुत है। अब यहां टाइगर भी बस गए है। अगले दिनों में गेंडे, चीतल और भैंसों को भी यहां लाया जा रहा है।
5. अभयारण्य बनने से 2784.60 घन मीटर इमारती लकड़ी, 2078.80 घन मीटर जलाऊ लकड़ी व 560.70 टन बांस मिलेगा।
ओंकारेश्वर अभयारण्य (Omkareshwar Sanctuary) की अधिसूचना जल्द जारी होने की उम्मीद है। सिंहस्थ (Simhastha 2028) से पहले इसे शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और शासन को भी राजस्व प्राप्त होगा।
- राकेश कुमार डामोर, डीएफओ