# झुंझुनू

Jhunjhunu: CRPF के जवान दिनेश कुमार महण का हृदयघात से निधन, सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई

झुंझुनू के नवलगढ़ क्षेत्र के बलवंतपुरा गांव में सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार महण का हृदयघात से निधन हो गया। उनके निधन से गांव में शोक की लहर है। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

2 min read
जवान दिनेश को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई फोटो। पत्रिका

झुंझुनू। नवलगढ़ उपखंड के बलवंतपुरा गांव निवासी सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार महण का मंगलवार तड़के हृदयघात से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बना रहा और लोग परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंचते रहे। हाल ही में दिनेश कुमार का सीआरपीएफ की 96वीं बटालियन से 198वीं बटालियन में स्थानांतरण हुआ था। वह 198वीं बटालियन में ड्यूटी जॉइन करने वाले थे। ग्रामीणों के अनुसार वे अपने कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित स्वभाव के लिए जाने जाते थे।

सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट जयसिंह ने बताया कि जॉइनिंग टाइम में दिनेश कुमार महण कुछ दिन पहले अपने घर आए हुए थे। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब तीन बजे उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। हालत बिगड़ने पर तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

नई ड्यूटी पर रवाना होने वाले थे

परिवार को उम्मीद थी कि कुछ दिनों बाद वे नई ड्यूटी पर रवाना होंगे, लेकिन उससे पहले ही उनका निधन हो गया। जिला अस्पताल से लेकर उनके पैतृक गांव बलवंतपुरा तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्रवासी शामिल हुए। तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह जब घर पहुंची तो माहौल गमगीन हो गया। पत्नी सुमन, पुत्र हिमांशु, पुत्री काजल तथा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, जिससे वातावरण भावुक हो गया।

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

जयपुर से आई सीआरपीएफ की टुकड़ी उनके निवास पर पहुंची और विभाग की ओर से शोक संदेश पढ़कर सुनाया और परिवार को एक लाख रूपए की आकस्मिक सहायता प्रदान की। सैन्य परंपराओं के अनुसार उन्हें पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान लोग शहीद दिनेश अमर रहें के नारे लगाते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे थे। मुक्तिधाम में सीआरपीएफ जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उनके पुत्र हिमांशु ने मुखाग्नि दी तथा सीआरपीएफ की ओर से हिमांशु को तिरंगा सौंपा गया। इस मौके पर शिक्षाविद् बीरबलसिंह गोदारा, पूर्व प्रधान दिनेश सुंडा, सुभाषा लांबा, पबाना प्रशासक विजेंद्रसिंह डोटासरा, प्रकाश महण, दिनेश महण आदि मौजूद रहे।