राजस्थान के शेखावाटी अंचल के चिड़ावा शहर में शनिवार को एक बेहद गंभीर और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाला घटनाक्रम सामने आया है।
राजस्थान के शेखावाटी अंचल के चिड़ावा शहर में शनिवार को एक बेहद गंभीर और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाला घटनाक्रम सामने आया है। शहर की सबसे व्यस्त रहने वाली पुरानी तहसील रोड पर स्थित एक प्रसिद्ध रेडीमेड कपड़े के शोरूम में खरीदारी करने आई एक महिला की सूझबूझ से चेंजिंग रूम के भीतर चल रहे एक गंदे खेल का पर्दाफाश हुआ है। चेंजिंग रूम के ऊपर बने एक गुप्त छेद (Hole) के जरिए मोबाइल कैमरे से महिला का कथित वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा था। इस हरकत की जानकारी जैसे ही बाजार में फैली, सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन को तुरंत दखल देना पड़ा।
इस पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चिड़ावा थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी युवक शाहरुख को मौके से ही हिरासत में ले लिया है और उसके पास से घटना में प्रयुक्त टचस्क्रीन स्मार्टफोन भी जब्त कर लिया है। लेकिन इस घटना से स्थानीय व्यापारिक संगठनों और महिला सुरक्षा को लेकर काम करने वाले कार्यकर्ताओं में गहरा गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि बाजारों में इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और ऐसे शोरूम संचालकों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए।
इस पूरे मामले का खुलासा पीड़िता की सजगता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण हुआ। आधिकारिक पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार के दिन बुहाना थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला अपने पति के साथ कपड़ों की खरीदारी करने के लिए चिड़ावा के पुरानी तहसील रोड स्थित इस रेडीमेड शोरूम में पहुंची थी। शोरूम के भीतर महिला ने अपनी पसंद के कुछ रेडीमेड कपड़े पसंद किए और फिर उनका साइज व फिटिंग चेक करने के लिए शोरूम के भीतर ही बने अस्थाई चेंजिंग रूम (ट्रायल रूम) के अंदर चली गई।
जब महिला कपड़े बदलने की तैयारी कर रही थी, तभी उसकी नजर अचानक चेंजिंग रूम की छत और दीवार के ऊपरी हिस्से के जोड़ पर बने एक छोटे और संदिग्ध छेद पर पड़ी। महिला को तुरंत किसी गड़बड़ी का शक हुआ, जिसके बाद उसने बिना घबराए तुरंत चेंजिंग रूम से बाहर आकर अपने पति को इस पूरी स्थिति से अवगत कराया। जब पति-पत्नी ने मिलकर उस गुप्त छेद की बारीकी से जांच की, तो उनके होश उड़ गए। उस छेद के ठीक पीछे एक चालू हालत का मोबाइल फोन रखा हुआ था, जिसका कैमरा सीधे चेंजिंग रूम के भीतर की तरफ फोकस था और उससे संभवतया वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी।
चेंजिंग रूम के भीतर मोबाइल कैमरा मिलने के बाद पीड़िता और उसके पति ने तुरंत शोरूम के कर्मचारियों से इस पर जवाब मांगा, लेकिन वहां संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर वे सीधे स्थानीय चिड़ावा पुलिस थाने पहुंचे। पीड़िता ने शोरूम संचालक और वहां कार्यरत स्टाफ के खिलाफ लिखित में एक सख्त आपराधिक शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता और महिलाओं से जुड़े अपराध का मुद्दा होने के कारण थाना प्रभारी ने तुरंत एक्शन लिया।
थाने से हैड कांस्टेबल जगदीप सिंह अपनी विशेष पुलिस टीम (जाब्ता) के साथ बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत पुरानी तहसील रोड स्थित संबंधित रेडीमेड कपड़ा शोरूम पर पहुंचे। पुलिस ने मौके की स्थिति का मुआयना किया और चेंजिंग रूम के ऊपर छिपाकर रखे गए उस मोबाइल फोन को अपने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही, प्राथमिक पूछताछ और मौके पर मौजूद गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने दुकान में मौजूद संदिग्ध युवक शाहरुख को तुरंत हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी शाहरुख को गाड़ी में बैठाकर थाने ले आई, जहां उससे बंद कमरे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।
कपड़ा शोरूम के चेंजिंग रूम में महिला का वीडियो बनाए जाने की यह खबर जैसे ही चिड़ावा के स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल मीडिया के माध्यम से आग की तरह फैली, पूरे शहर का माहौल पूरी तरह से गर्मा गया। महिलाओं की निजता से खिलवाड़ के इस मामले को लेकर स्थानीय व्यापारियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। देखते ही देखते शोरूम के बाहर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और युवा एकत्र हो गए।
इस दौरान भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष नरेंद्र गिरधर, भाजपा युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष अशोक शर्मा, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नगर अध्यक्ष गौरव शर्मा, प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सुनील सिद्धड़, अजीत मुरादपुरिया उर्फ बिल्लू, बजरंग दल के नेता यमन वर्मा, सुनील भड़िया और विकास पायल समेत दर्जनों संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य भारी संख्या में मौके पर पहुंचे। इन सभी नेताओं और गुस्साए नागरिकों ने शोरूम के ठीक सामने पुरानी तहसील रोड की मुख्य सड़क पर दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया और जोरदार नारेबाजी करते हुए यातायात को पूरी तरह से ठप (सड़क जाम) कर दिया।
सड़क जाम और भारी हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भी तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए। सबसे पहले सहायक उपनिरीक्षक (ASI) कैलाशचंद्र अतिरिक्त पुलिस जाब्ते के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी नेताओं और भाजपा पदाधिकारियों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस कानून के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है। लेकिन प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े थे कि जब तक इस शोरूम को पूरी तरह से सील नहीं किया जाता और इसके मालिक के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगे।
जनता के भारी दबाव और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए उस रेडीमेड कपड़ा शोरूम के मुख्य शटर को नीचे गिराकर उस पर आधिकारिक रूप से ताला जड़ दिया। पुलिस द्वारा दुकान बंद कराए जाने के बाद ही प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार हुए और जाम को खोला जा सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक (DSP) विकास धींधवाल भी तुरंत चिड़ावा थाने पहुंचे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम की कमान अपने हाथों में ले ली।
चूंकि मामला दो अलग-अलग समुदायों और संवेदनशील सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ था, इसलिए चिड़ावा शहर में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बिगड़ने का एक बड़ा खतरा पैदा हो गया था। इसी आशंका के चलते डीएसपी विकास धींधवाल के निर्देश पर तुरंत जिले के 4 बड़े पुलिस थानों—चिड़ावा, पिलानी, सूरजगढ़ और सुल्ताना से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता और सशस्त्र बल की टुकड़ियों को तुरंत चिड़ावा बुला लिया गया।
सड़क जाम हटने के बाद भी गुस्साए व्यापारियों और हिंदूवादी संगठनों के सैकड़ों सदस्य सामूहिक रूप से जुलूस के रूप में चिड़ावा पुलिस थाने के सामने पहुंच गए और वहां भी अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस थाने के बाहर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया। इस दौरान सूरजगढ़ के थानाधिकारी रणजीत सेवदा ने प्रदर्शनकारियों के बीच आकर उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया कि आरोपी शाहरुख के खिलाफ ऐसी कड़ी कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बनेंगी। इस मौके पर अभिषेक पारीक, वरुण राय बिन्नी, राकेश बाछुका, मोहित तामड़ायत, रामू सोनी, सुभाष पंवार, सुनील बदनगढिया, देवेंद्र वर्मा, पवन शर्मा नवहाल, अमित सैनी, योगेश शर्मा, सीएस सुनील शर्मा, राजेश वर्मा, रोहित केडिया, सुभाष पांडे समेत शहर के सैकड़ों गणमान्य नागरिक थाने पर मौजूद रहे।
चिड़ावा पुलिस अब इस पूरे मामले के तकनीकी और डिजिटल पहलुओं की गहराई से तफ्तीश करने में जुट गई है। एएसआई कैलाशचंद्र ने मीडिया को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी शाहरुख के पास से जो टचस्क्रीन मोबाइल फोन जब्त किया गया है, उसे पूरी तरह से लॉक कर वैज्ञानिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस को यह गंभीर आशंका है कि आरोपी ने इस चेंजिंग रूम के गुप्त छेद का इस्तेमाल केवल इस एक महिला के लिए नहीं, बल्कि अतीत में भी कई अन्य महिला ग्राहकों के गोपनीय वीडियो बनाने के लिए किया होगा।
पुलिस अधिकारी ने साफ किया कि आरोपी के मोबाइल के डिलीट किए गए डेटा, गैलरी फाइल्स और क्लाउड स्टोरेज की बारीकी से रिकवरी करवाई जा रही है। इस काम के लिए झुंझुनूं मुख्यालय से विशेष साइबर एक्सपर्ट (Cyber Experts) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम की भी मदद ली जा रही है। यदि आरोपी के फोन से किसी भी अन्य महिला या युवती का कोई भी आपत्तिजनक वीडियो या फुटेज बरामद होता है, तो इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की बेहद कड़ी और गैर-जमानती धाराएं भी जोड़ी जाएंगी ताकि अपराधी को किसी भी सूरत में अदालत से जमानत न मिल सके।