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Chhattisgarh incident: छत्तीसगढ़ में हृदय विदारक घटना, डूब रही बेटी को बचाने गर्भवती मां ने डैम में लगाई छलांग, दोनों की मौत

Chhattisgarh incident: गांव के घोघरा डैम में नहाने गई थी। इसी दौरान उसकी 8 वर्षीय बेटी मीनाक्षी तिग्गा अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।

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Chhattisgarh incident: जशपुर जिले से बड़ी खबर सामने ‌आ रही है। यहां एक गर्भवती मां ने अपने डुबती हुई बेटी को बचाने डैम में छलांग लगा दी। इस घटना में दोनों की मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे में मां और 8 वर्षीय बेटी की मौत हो गई, जबकि बड़ी बेटी किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रही। यह पूरी घटना घोघरा डैम की है। सूचना पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी तलाश के बाद दोनों के शव डैम से बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि मृतिका सुकांति तिग्गा लगभग छह माह की गर्भवती थी। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

Chhattisgarh incident: डैम में लगा दी छलांग

जानकारी के अनुसार, पत्थलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालाझर निवासी सुकांति तिग्गा रविवार दोपहर अपनी दो बेटियों के साथ गांव के घोघरा डैम में नहाने गई थी। इसी दौरान उसकी 8 वर्षीय बेटी मीनाक्षी तिग्गा अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बेटी को बचाने के लिए मां सुकांति तिग्गा और बड़ी बेटी ने तुरंत डैम में छलांग लगा दी। इस दौरान बड़ी बेटी तो किसी तरह तैरकर बाहर निकल आई, लेकिन सुकांति तिग्गा और छोटी बेटी गहरे पानी में डूब गईं।

छह माह की गर्भवती थी महिला

बड़ी बेटी ने भी दोनों को बचाने की कोशिश की और पानी में उतर गई। हालांकि बड़ी बेटी किसी तरह तैरकर बाहर निकल आई, लेकिन सुकांति और उसकी छोटी बेटी गहरे पानी में फंस गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद मां और बेटी को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि मृतिका सुकांति तिग्गा करीब छह माह की गर्भवती थी। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

परिजनों पर टूटा पहाड़

सूचना मिलने पर पत्थलगांव पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि घोघरा डैम में पहले भी हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।

ग्रामीणों ने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से डैम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। परिवार और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने मां के साहस को याद करते हुए कहा कि सुकांति ने अपनी बेटी को बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा दी। यह हादसा एक बार फिर जलाशयों और डैम क्षेत्रों में सुरक्षा के इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।