राजधानी जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल में शनिवार को जर्जर इमारत का छज्जा गिरने से नीचे आराम कर रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं उसका साथी घायल हो गया। दोनों भंडारा खाने के बाद आराम कर रहे थे। मामले में हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधा है।
जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। अस्पताल परिसर स्थित सुश्रुत सभागार भवन का जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और परिसर में मौजूद जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान अजमेर जिले के केकड़ी क्षेत्र निवासी सागर (40) के रूप में हुई है। वह कचरा बीनने का काम करता था। उसके साथ उसका साथी बाबूलाल भी मौजूद था, जो उसी गांव का रहने वाला है। दोनों शनिवार को एसएमएस अस्पताल के पास चल रहे एक भंडारे में भोजन करने आए थे। भोजन करने के बाद वे अस्पताल परिसर में स्थित चरक भवन के निकट सुश्रुत सभागार की इमारत के नीचे छांव में आराम करने के लिए लेट गए।
दोपहर करीब तीन बजे अचानक भवन का जर्जर छज्जा टूटकर नीचे गिर पड़ा। भारी मलबा सीधे दोनों व्यक्तियों पर आ गिरा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचे तथा दोनों घायलों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।
चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन सागर की हालत गंभीर होने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वहीं बाबूलाल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घायल बाबूलाल ने पुलिस को बताया कि दोनों भोजन करने के बाद कुछ देर आराम कर रहे थे, तभी अचानक ऊपर से छज्जा गिर गया और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे के बाद आएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मानसून से पहले जर्जर इमारतों को ठीक करने की मांग की है। साथ ही मृतक के परिजनों को राजस्थान सरकार से मदद देने की मांग की है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस भवन का छज्जा गिरा, वह लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में कई पुराने भवन हैं, जिनकी नियमित निगरानी और मरम्मत नहीं होने से ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में जर्जर भवनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे भवनों की तत्काल जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
'जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां आम लोगों के प्रवेश पर रोक है और सुरक्षा के लिए रेलिंग भी लगाई गई है। संबंधित इमारत काफी जर्जर अवस्था में है तथा उसे हटाने की प्रक्रिया के बाद आगे का कार्य किया जाना है। इसके बावजूद कुछ लोग अंदर जाकर वहां सो गए, जिसके चलते यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।' -डॉ दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य एवं नियंत्रक एसएमएस मेडिकल कॉलेज