Rajasthan Weather Update : भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को फिलहाल राहत मिलने के आसार हैं। मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में अगले चार से पांच दिन तक आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है।
Rajasthan Weather Update : जयपुर। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को फिलहाल राहत मिलने के आसार हैं। मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में अगले चार से पांच दिन तक आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज मेघगर्जन, धूलभरी आंधी और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को राज्य के पूर्वी हिस्सों में अनेक स्थानों व पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में सर्वाधिक 55 मिलीमीटर बारिश शाहपुरा (शाहपुरा-कोटपूतली) में रिकॉर्ड की गई। वहीं जैसलमेर जिले रामगढ़ क्षेत्र में रविवार को अचानक उठे रेत के बवंडर और धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
विभाग के अनुसार रविवार को बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग के कुछ भागों में दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदला। इन क्षेत्रों में तेज रफ्तार से हवाएं , मेघगर्जन होने और कहीं-कहीं तेज बारिश हुई।
मौसम केन्द्र का कहना है कि दोपहर बाद शुरू होने वाली आंधी-बारिश की गतिविधियां आगामी चार से पांच दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बनी रह सकती हैं। इसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को भीषण गर्मी तथा हीटवेव जैसी परिस्थितियों से राहत मिलेगी।
मौसम केन्द्र के अनुसार बीते दो दिन से अंधड़ और बारिश के बाद राज्य के शहरों में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतर शहरों में दिन का पारा 40 डिग्री से नीचे रहा। दिन का अधिकतम तापमान में चार डिग्री तक गिरावट हुई। वहीं, रात के तापमान में सबसे अधिक गिरावट अजमेर में 8.9 डिग्री तक हुुई। जयपुर में दिन का अधिकतम तापमान 35.6 और रात का न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री दर्ज किया गया।
जैसलमेर जिले रामगढ़ क्षेत्र में रविवार को अचानक उठे रेत के बवंडर और धूल भरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के साथ उड़ती रेत के कारण दिन में ही अंधेरे जैसी स्थिति बन गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आंधी के चलते सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को अपने वाहन धीमी गति से चलाने पड़े। कई स्थानों पर लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
आंधी के कारण घरों, दुकानों और घरों में भी रेत व धूल जमा हो गई। वहीं बुजुर्गों, बच्चों और श्वास संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।