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Bhajanlal Government : राजस्थान में 882 करोड़ से बनेंगी 137 नई सड़कें, जानें किन जिलों की निकली ‘लॉटरी’

राजस्थान में बुनियादी ढांचे का विस्तार। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट घोषणाओं को रफ्तार देते हुए 882.54 करोड़ रुपये के 137 सड़क निर्माण कार्यों को दी मंजूरी।

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Rajasthan Road Construction Project Approved

राजस्थान के बुनियादी ढांचे को एक नया और मजबूत स्वरूप देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक्शन मोड में काम कर रहे हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के नागरिकों के आवागमन को सुगम बनाने और बजट में किए गए वादों को समय पर धरातल पर उतारने के लिए बड़ी प्रशासनिक तत्परता दिखाई है। इसी सिलसिले में सार्वजनिक निर्माण विभाग और बजटीय वित्तीय प्रबंधन के समन्वय से राज्य के 29 प्रमुख जिलों में सड़कों का कायाकल्प करने के लिए 882.54 करोड़ रुपये के भारी बजट को वित्तीय मंजूरी दी गई है। इस बड़े फैसले के तहत राजस्थान के अलग-अलग संभागों में कुल 137 सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण (Strengthening) के कार्यों को चिन्हित किया गया है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस वित्तीय सहमति के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा इन सभी स्वीकृत सड़कों के निर्माण के लिए बेहद जल्द ही ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी, ताकि मानसून और आगामी सीजन से पहले धरातल पर सिविल कार्य सुचारू रूप से शुरू किए जा सकें।

इन 29 जिलों में मजबूत होगा सड़कों का नेटवर्क

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस बजटीय आवंटन का सीधा लाभ राजस्थान के उन सुदूर और सीमावर्ती जिलों को भी मिलेगा, जहां लंबे समय से सड़कों के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। राज्य सरकार की इस वित्तीय मंजूरी के अंतर्गत कुल 29 जिलों को सीधे तौर पर शामिल किया गया है, जो इस प्रकार हैं:

फलौदी, जोधपुर, ब्यावर, अलवर, बाड़मेर, बालोतरा, दौसा, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, करौली, नागौर, पाली, सवाई माधोपुर, सीकर, सलूम्बर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, जालोर, बारां, श्रीगंगानगर, झालावाड़, जयपुर, भरतपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और धौलपुर।

Photo: AI generated

इन सभी नवगठित और पुराने जिलों के ग्रामीण संपर्कों, राज्य राजमार्गों (State Highways) और मुख्य जिला सड़कों (Major District Roads) को इस परियोजना के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी काफी कमी आने की संभावना है।

बजट वादों को धरातल पर लाने का विजन

आमतौर पर बजटीय घोषणाओं के बाद प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियों में लंबा वक्त लग जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की स्पष्ट मंशा के अनुसार इस बार सभी विभागों को आपसी समन्वय और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के साथ काम करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। सरकार का यह प्रयास है कि बजट की प्रत्येक घोषणा केवल कागजों और फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इन 137 सड़क कार्यों की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि जिन क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति अत्यधिक जर्जर थी या जहां यातायात का दबाव बहुत अधिक बढ़ चुका था, उन्हें प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा गया है। सड़कों के इस सुदृढ़ीकरण कार्य में आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी दल भी गठित किए जाएंगे।