जोधपुर में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को अपराध और तस्करी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रग माफिया की अवैध संपत्तियां जब्त करने, सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने करने के निर्देश दिए हैं।
जयपुर। राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने जोधपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों को अपराध और तस्करी के खिलाफ और अधिक सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संगठित अपराधियों, ड्रग माफिया और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया जाए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
शनिवार को जोधपुर रेंज कार्यालय में आयोजित अपराध समीक्षा एवं सुरक्षा बैठक में डीजीपी ने रेंज के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में जोधपुर रेंज के महानिरीक्षक सत्येन्द्र सिंह सहित जोधपुर ग्रामीण, फलोदी, बालोतरा, पाली, बाड़मेर, जैसलमेर, सिरोही और जालौर के पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
बैठक के दौरान डीजीपी ने हाल के आपराधिक मामलों की समीक्षा करते हुए संगठित अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में केवल छोटे अपराधियों तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क को चिन्हित करने और उसके सरगनाओं तक पहुंचने की आवश्यकता बताई। साथ ही ऐसे अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर प्रहार करते हुए उनकी संपत्तियों को जब्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई तेज करने को कहा।
महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया।
जोधपुर रेंज के कई जिले अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े होने के कारण डीजीपी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाए। कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत कर आमजन की सहभागिता से सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए।
बैठक के अंत में डीजीपी शर्मा ने अधिकारियों से नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नए कानून पुलिस को कई महत्वपूर्ण अधिकार और संसाधन उपलब्ध कराते हैं, जिनका उपयोग कर राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य "आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय" को और अधिक मजबूती से धरातल पर उतारा जा सकता है।