मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भीलवाड़ा से लौटकर सीधे पहुंचे जयपुर के एसएमएस अस्पताल। धन्वंतरि ओपीडी का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से बातचीत कर चिकित्सा व्यवस्थाओं का लिया लाइव फीडबैक।
राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति और सरकारी दावों की जमीनी हकीकत परखने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इन दिनों पूरी तरह से एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। शनिवार को भी सीएम भजनलाल ने सबको चौंका दिया, जब वे भीलवाड़ा जिले के अपने आधिकारिक कार्यक्रमों को संपन्न कर हवाई मार्ग से जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। अमूमन मुख्यमंत्री हवाई अड्डे से सीधे अपने राजकीय आवास या सचिवालय के लिए रवाना होते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले को सीधे प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल की तरफ मोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से गुप्त और औचक था, जिसकी भनक स्थानीय पुलिस और अस्पताल प्रशासन के बड़े अधिकारियों को भी ऐन वक्त पर लगी।
मुख्यमंत्री सीधे एसएमएस अस्पताल के धन्वंतरि ओपीडी ब्लॉक के भीतर दाखिल हुए। मुख्यमंत्री को अचानक अपने सामने आम मरीजों की कतारों के बीच खड़ा देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ पूरी तरह से अचंभित रह गया। मुख्यमंत्री ने बिना किसी तामझाम के अस्पताल के विभिन्न काउंटरों, ओपीडी ब्लॉकों और दवाओं के वितरण केंद्रों का पैदल चलकर निरीक्षण करना शुरू कर दिया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भीलवाड़ा से लौटने के तुरंत बाद सीधे अस्पताल पहुंचना उनके शासन करने के संवेदनशील दृष्टिकोण को साफ तौर पर प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि क्या सरकार द्वारा चलाई जा रही निशुल्क दवा योजना, जांच योजना और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं आम जनता को बिना किसी प्रशासनिक परेशानी के मिल पा रही हैं या नहीं।
अस्पताल परिसर में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने सीधे उन क्षेत्रों का रुख किया जहां आम तौर पर मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। उन्होंने धन्वंतरि ब्लॉक के भीतर संचालित हो रहे अलग-अलग ओपीडी विंग का सघन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इस बात को गहराई से परखा कि डॉक्टरों के चैंबरों के बाहर मरीजों को कितनी देर इंतजार करना पड़ रहा है, और क्या सभी वरिष्ठ चिकित्सक अपने निर्धारित समय पर ओपीडी के भीतर परामर्श देने के लिए उपलब्ध हैं।
इस औचक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य रूप से अस्पताल की सबसे व्यस्त रहने वाली सर्जरी ओपीडी (Surgery OPD) और ऑर्थोपेडिक ओपीडी (Orthopedic OPD) के काउंटरों पर पहुंचे। इन दोनों विभागों में हाड़ौती, मारवाड़, शेखावाटी और ढूंढाहड़ अंचल सहित पूरे राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों मरीज गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रोजाना जयपुर आते हैं। मुख्यमंत्री ने इन ओपीडी के अलग-अलग ब्लॉकों के भीतर जाकर वहां की सफाई व्यवस्था, डॉक्टरों के बैठने की व्यवस्था और मरीजों के बैठने के लिए उपलब्ध कुर्सियों व ठंडे पानी की सुविधाओं का बारीकी से मुआयना किया।
निरीक्षण के दौरान जैसे ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी और अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा को मुख्यमंत्री के धन्वंतरि ब्लॉक में मौजूद होने की सूचना मिली, वे तुरंत हाफते-हाफते मौके पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने इन सभी शीर्ष अधिकारियों को अपने पास खड़ा किया और मौके पर मिली छोटी-मोटी खामियों को लेकर सीधे सवाल-जवाब किए। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि ओपीडी के भीतर आने वाले किसी भी मरीज को इलाज या पर्ची बनवाने के लिए अनावश्यक लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए काउंटरों की संख्या और प्रशासनिक स्टाफ को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस औचक निरीक्षण के दौरान मरीज़ों और उनके परिजनों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने उनका कुशलक्षेम जाना और उनसे पूछा कि "आपको डॉक्टर ने सही तरीके से देखा या नहीं? अस्पताल के भीतर से दवाइयां पूरी मिल रही हैं या कोई दवा बाहर से तो नहीं लिख रहा?"
मुख्यमंत्री ने काउंटर पर दवा ले रहे मरीजों के परिजनों से भी लंबी बातचीत की। परिजनों ने पूरी बेबाकी के साथ मुख्यमंत्री को अस्पताल के भीतर होने वाली व्यावहारिक दिक्कतों, जांच रिपोर्ट मिलने में होने वाली देरी और कुछ काउंटरों पर कर्मचारियों के ढुलमुल रवैये के बारे में अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने मरीजों की इन शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी को निर्देश दिए कि इन सभी व्यावहारिक समस्याओं का आगामी 24 घंटे के भीतर स्थायी समाधान निकाला जाए। उन्होंने साफ किया कि चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
सवाई मानसिंह अस्पताल के इस औचक निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और सोशल मीडिया हैंडल के जरिए यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि राज्य सरकार प्रदेश की आम जनता को बेहतरीन और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पोस्ट साझा करते हुए बताया कि भीलवाड़ा से जयपुर पहुंचने के बाद उन्होंने सीधे एसएमएस अस्पताल की धन्वंतरि ओपीडी पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है ताकि राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र की कमियों को सुधारा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की भजनलाल सरकार चिकित्सा के क्षेत्र में 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। चाहे अस्पताल का सफाई कर्मचारी हो या कोई सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर, सभी को अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह से जवाबदेह होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि वे भविष्य में भी इसी प्रकार बिना किसी पूर्व सूचना के राज्य के अन्य जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण जारी रखेंगे, और यदि कहीं भी लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।