Jabalpur cruise accident: जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे की न्यायिक जांच शुरू। न्यायिक जांच आयोग नेअधिकारियों से पूछे गए तीखे सवाल।
Jabalpur cruise accident:जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत के मामले में गठित न्यायिक जांच आयोग ने शुक्रवार से जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। पहले दिन मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MP Tourism) के अधिकारियों को तलब कर उनसे पूछताछ की गई। कलेक्टर कार्यालय में सुनवाई के दौरान आयोग ने अधिकारियों से कूज संचालन, तकनीकी जांच, सुरक्षा व्यवस्था और राहत-बचाव कार्यों को लेकर कई सवाल पूछे। आयोग ने यह जानने का प्रयास किया कि बरगी बांध में क्रूज का संचालन कब से किया जा रहा था और क्या समय-समय पर उसकी तकनीकी जांच कराई जाती थी। अधिकारियों से यह भी पूछा गया कि इंजन की खराबी को लेकर तत्कालीन मैनेजर द्वारा लिखे गए पत्र पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य किस प्रकार किए गए और बचाव दल को कितनी देर में रवाना किया गया।
30 अप्रेल को हुए इस हादसे ने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। जांच के दौरान आयोग ने पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था, मौसम संबंधी चेतावनियों और क्रूज की तकनीकी स्थिति को लेकर विशेष जानकारी जुटाई। आयोग ने पूछा कि क्रूज कब खरीदा गया था और क्या इतनी अवधि के बाद भी वह संचालन योग्य था। साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया कि हादसे के समय जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी भूमिका किस प्रकार निभाई।
जांच आयोग ने पहले दिन तीन अधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इनमें तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक संजय मल्होत्रा, मैकल बोट क्लब के मैनेजर एवं वाटर स्पोर्ट्स के तकनीकी सलाहकार कमांडर (सेवानिवृत्त) राजेंद्र निगम तथा बरगी रिसोर्ट के पूर्व प्रबंधक सुनील सिंह मरावी शामिल रहे। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस द्विवेदी ने तीनों अधिकारियों के बयान दर्ज किए और उनकी जिम्मेदारियों से जुड़े सवाल पूछे। तकनीकी सलाहकार से क्रूज के रखरखाव, आखिरी मेंटेनेंस और संचालन की स्थिति को लेकर जानकारी ली गई। आयोग अब इस मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज करेगा। इसके लिए एक विस्तृत सूची तैयार की गई है।