E-Bus Start: पेट्रोल-डीजल बचाने की बड़ी पहल...इंदौर में जल्द चलेंगी 150 ई-बसे। जुलाई के महीने में 150 और चलाने की तैयारी है। 150 में से 40 बसें आकर डीपो में खड़ी हैं और बाकी अगले महीने जून में आने की बात कही जा रही है।
E-Bus Start: इंदौर में शहर में वायु प्रदूषण रोकने और पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआइसीटीएसएल) इलेक्ट्रिक बसें बढ़ाने जा रहा है। अभी जहां 120 बसें चल रही हैं, वहीं जुलाई के महीने में 150 और चलाने की तैयारी है। 150 में से 40 बसें आकर डीपो में खड़ी हैं और बाकी अगले महीने जून में आने की बात कही जा रही है। इंदौर का क्षेत्रफल बढ़ता जा रहा है। साथ ही लोकल पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए ग्रीन मोबिलिटी की तरफ भी इंदौर बढ़ता रहा है। इसके चलते डीजलपेट्रोल की अपेक्षा इलेक्ट्रिक व सीएनजी वाहनों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डीजलपेट्रोल बचाने की अपील के बाद से इलेक्ट्रिक गाडिय़ों की तरफ शहरवासियों का रूझान पहले से ज्यादा बढ़ गया है।
इधर, एआइसीटीएसएल शहर में चलने वाली अपनी सारी डीजल सिटी बसों को बंद करने की तैयारी में है, क्योंकि डीजल से चलने वाली बसें खटारा होने के साथ धुआं अलग उड़ाती हैं। इसलिए शहर में इलेक्ट्रिक व सीएनजी बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि शहर की वायु गुणवत्ता सुधरने के साथ बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सकें और पेट्रोल-डीजल भी बचेगा।
इंदौर से आसपास के प्रमुख शहरों उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धार मांडव एवं महेश्वर के लिए 26 सर्वसुविधायुक्त इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। एआइसीटीएसएल बोर्ड ने इस सेवा को अतिशीघ्र आरंभ करने के लिए जिम्मेदार अफसरों को निर्देशित किया है।
एआइसीटीएसएल के सीइओ अर्थ जैन का कहना है कि ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत 270 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। इसके लिए वित्तीय सहायता केंद्र और राज्य शासन कर रहा है। योजना के तहत इंदौर को प्रथम चरण में 150 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होने जा रही हैं। दूसरे चरण में 120 बसें लाने की तैयारी है। 150 में से 40 बसें आकर डिपो में खड़ी हैं। बाकी बसें अगले महीने जून में आएंगी और जुलाई से 150 बसें शहर में दौडऩे लगेंगी, जिनके रूट तय किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देवास नाका और नायता मुंडला पर बसों को खड़ा करने के लिए डिपो बनाने के चल रहे काम अगले महीने में पूरा हो जाएगा। एक अतिरिक्त डिपो स्थल को भी चिन्हित किया गया है।