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छात्राओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान: अत्याधुनिक गल्र्स एजुकेशन सेन्टर तैयार, 96 छात्राओं को मिलेगी सुरक्षित आवास सुविधा

बालिकाओं को बेहतर वातावरण में उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अमरावतीदेवी पारसमल चौपड़ा जीतो हुब्बल्ली गल्र्स एंड एजुकेशन सेन्टर लगभग पूरी तरह तैयार हो गया है। केशवापुर क्षेत्र के अरिहंत नगर स्थित इस अत्याधुनिक सेन्टर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित, संस्कारयुक्त और शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार कर सकें।

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अमरावतीदेवी पारसमल चौपड़ा जीतो हुब्बल्ली गल्र्स एंड एजुकेशन सेन्टर।

आवेदन प्रक्रिया 20 से
अमरावतीदेवी पारसमल चौपड़ा जीतो हुब्बल्ली गल्र्स एंड एजुकेशन सेन्टर के चेयरमैन भंवरलाल सी. जैन एवं जीतो हुब्बल्ली चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश कोठारी ने बताया कि करीब 35 हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में निर्मित इस विशाल सेन्टर में 24 कमरे बनाए गए हैं। प्रत्येक कमरे में चार छात्राओं के रहने की व्यवस्था रहेगी। इस प्रकार कुल 96 छात्राएं यहां रह सकेंगी। सेन्टर में प्रवेश के लिए 20 मई से आवेदन फॉर्म उपलब्ध करवाए जाएंगे। संस्थान में प्रवेश संबंधी पूछताछ के लिए सोहन एच. तातेड़ एवं भरत पटवारी से संपर्क किया जा सकता है।

आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुस्तकालय बनेगा
संस्थान में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा, जहां विभिन्न विषयों की पुस्तकों के साथ दैनिक समाचार पत्रों की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा छात्राओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए इनडोर गेम्स की व्यवस्था का भी प्रावधान रखा गया है। करीब तीन वर्ष पहले शुरू हुए इस महत्वाकांक्षी प्रकल्प का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग सेन्टर सुविधा उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा रहा है।

संचालन के लिए बनेगी जीतो महिला विंग की कमेटी
संस्थान के संचालन और व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभालने के लिए जीतो महिला विंग की 11 सदस्यीय अलग कमेटी गठित की जाएगी। वहीं छात्रावास के प्रवेश द्वार स्थित रिसेप्शन परिसर में नाकोड़ा पाŸवनाथ भगवान की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिससे परिसर में आध्यात्मिक और सकारात्मक वातावरण बना रहेगा।

बालिकाओं को आगे बढऩे का अवसर
संस्था पदाधिकारियों के अनुसार इस प्रकल्प का प्रमुख ध्येय यही है कि बाहर से आने वाली बालिकाओं को सुरक्षित एवं प्रेरणादायी माहौल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले और वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में नई पहचान स्थापित कर सकें।

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