# स्वास्थ्य

शुगर-फ्री का असर हरेक व्यक्ति पर एक जैसा नहीं- रिसर्च से सामने आई वजह

Sorbitol Gut Health Risk: साइंस सिग्नलिंग की रिसर्च में पता चला है कि डाइट बिस्किट, शुगर-फ्री टॉफी और च्युइंग गम में मौजूद सॉर्बिटोल हर किसी के पेट के लिए सुरक्षित नहीं हो सकता।

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Diet Biscuit, Sugar-Free टॉफी- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Sorbitol Gut Health: आजकल लोग वजन कम करने और शुगर से बचने के लिए डाइट प्रोडक्ट्स, शुगर-फ्री टॉफी और गम का खूब इस्तेमाल करते हैं। इनमें अक्सर शुगर अल्कोहल जैसे सॉर्बिटोल डाला जाता है ताकि मिठास बनी रहे लेकिन कैलोरी कम हो। साइंस सिग्नलिंग की रिसर्च बताती है कि मीठे के ये विकल्प हर शरीर पर एक जैसा असर नहीं डालते। कुछ लोगों के पेट में मौजूद बैक्टीरिया इसे सही से तोड़ नहीं पाते, जिससे दिक्कतें शुरू हो सकती हैं।

क्या कहती है रिसर्च?

अध्ययन में पाया गया कि सॉर्बिटोल शरीर में अंदर और बाहर दोनों जगहों से आ सकता है। हमारा शरीर खाने के बाद खुद भी थोड़ा बना सकता है, और यह डाइट प्रोडक्ट्स से भी आता है। अगर आंतों के बैक्टीरिया कमजोर या असंतुलित हों, तो यह सॉर्बिटोल अच्छे से टूट नहीं पाता और पेट में जमा होकर परेशानी बढ़ा सकता है।

सॉर्बिटोल (Sorbitol) क्या होता है?

सॉर्बिटोल एक तरह का शुगर अल्कोहल है, जो स्वाद में चीनी जैसा मीठा होता है, लेकिन इसमें चीनी के मुकाबले कम कैलोरी होती है। इसे अक्सर डाइट प्रोडक्ट्स और शुगर-फ्री चीजों में इस्तेमाल किया जाता है, जैसे शुगर-फ्री च्युइंग गम, डाइट बिस्किट, शुगर-फ्री टॉफी, कुछ टूथपेस्ट और दवाइयां।

पेट पर क्या असर पड़ता है?

  • पेट फूलना (Bloating)
  • गैस बनना
  • पेट दर्द और ऐंठन
  • ज्यादा मात्रा में लेने पर दस्त

हर किसी पर अलग असर क्यों?

रिसर्च बताती है कि हमारे पेट के गट बैक्टीरिया ही तय करते हैं कि सॉर्बिटोल  हमारे लिए सुरक्षित है या नहीं। अगर अच्छे बैक्टीरिया ज्यादा हैं तो शरीर इसे संभाल लेता है, लेकिन अगर गट माइक्रोबायोम खराब है तो यह परेशानी बढ़ा सकता है।

क्या इसका मतलब ये चीजें छोड़ देनी चाहिए?

नहीं, इसका मतलब यह नहीं कि डाइट बिस्किट या शुगर-फ्री टॉफी पूरी तरह खराब हैं। लेकिन इन्हें लिमिट में लेना जरूरी है। ज्यादा सेवन करने से पेट की समस्या बढ़ सकती है, खासकर संवेदनशील लोगों में। सॉर्बिटोल जैसे शुगर-फ्री स्वीटनर पूरी तरह नुकसानदायक नहीं हैं, लेकिन हर शरीर के लिए एक जैसे नहीं हैं। अगर आपको डाइट प्रोडक्ट्स खाने के बाद पेट में दिक्कत महसूस होती है, तो इनका सेवन कम करना बेहतर हो सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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