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Dry Eyes Causes: बार-बार सूखती हैं आंखें? वजह सिर्फ फोन या टीवी नहीं, आई स्पेशलिस्ट से जानिए

Dry Eyes Causes in Hindi: क्या आप भी आंखों के सूखेपन के लिए सिर्फ मोबाइल को दोष देते हैं? आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर हेमलता यादव से जानिएअन्य कारण जो आपकी आंखों की नमी कम कर रहे हैं।

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आंखों में सूखापन- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Dry Eyes Causes: आज के दौर में आंखों में सूखापन, जलन या खुजली होना एक बहुत ही आम समस्या बन चुकी है। जब भी हमारी आंखें सूखने लगती हैं, तो हम तुरंत इसका सारा ठीकरा मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन पर फोड़ देते हैं। बेशक, स्क्रीन टाइम एक बड़ी वजह है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आंखों के सूखेपन (Dry Eyes) के पीछे सिर्फ फोन नहीं, बल्कि कुछ ऐसे छुपे हुए कारण भी हैं जिन पर हमारा ध्यान कभी जाता ही नहीं।

आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर हेमलता यादव के अनुसार, हमारी कुछ रोजमर्रा की आदतें और सेहत से जुड़ी दूसरी चीजें भी आंखों की नमी को कम कर देती हैं। आइए जानते हैं कि वे कौन से कारण हैं जो आपकी आंखों को ड्राय कर रहे हैं।

1. एसी और पंखे की सीधी हवा

गर्मी के मौसम में एसी या तेज स्पीड पर पंखा चलाकर सोना बहुत सुकून देता है। लेकिन, यह आपकी आंखों पर भारी भी पड़ सकता है। जब एसी या पंखे की सीधी हवा रातभर आपके चेहरे पर लगती है, तो यह आंखों के अंदर मौजूद प्राकृतिक नमी और आंसुओं को तेजी से सूखा देती है। इससे सुबह उठते ही आंखें सूखी और लाल नजर आती हैं।

2. कुछ खास दवाइयों का असर

अगर आप किसी दूसरी बीमारी के लिए लगातार दवाइयां ले रहे हैं, तो यह भी ड्राई आइज की एक बड़ी वजह हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर, एलर्जी (एंटीहिस्टामाइन), डिप्रेशन या नींद की कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं, जिनका सीधा असर हमारे शरीर के लिक्विड फॉर्मेशन पर पड़ता है। ये दवाइयां आंखों में आंसू बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं।

3. कांटेक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल

जो लोग चश्मे की जगह कांटेक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें ड्राई आइज का खतरा ज्यादा होता है। अगर लेंस को बहुत लंबे समय तक लगाकर रखा जाए, घटिया क्वालिटी का लेंस इस्तेमाल किया जाए या उसकी साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो यह आंखों तक ऑक्सीजन पहुंचने से रोकता है। इससे आंखों की आंसू बनाने वाली परत डिस्टर्ब हो जाती है।

4. बढ़ती उम्र और हार्मोनल बदलाव

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर के कई हिस्से कमजोर होने लगते हैं। 40 से 50 साल की उम्र के बाद आंखों में आंसू बनने की क्षमता कुदरती रूप से कम हो जाती है। खासकर महिलाओं में मेनोपॉज (पीरियड्स बंद होने) के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों की वजह से आंखें सूखने की समस्या बहुत ज्यादा देखी जाती है।

5. मेकअप प्रोडक्ट्स और आई लैशेज

काजल, आईलाइनर, मस्कारा या नकली आई लैशेज (पलकें) लगाने का शौक भी आंखों को बीमार कर सकता है। अगर मेकअप प्रोडक्ट्स अच्छी क्वालिटी के न हों या रात को सोने से पहले इन्हें ठीक से साफ न किया जाए, तो ये आंखों के किनारों पर मौजूद उन ग्रंथियों (Meibomian Glands) को ब्लॉक कर देते हैं जो आंखों में नमी बनाए रखने वाला तेल बनाती हैं।

ड्राई आई सिंड्रोम क्या होता है?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, आंखों के सूखेपन की समस्या को ड्राई आई सिंड्रोम, ड्राई आई डिजीज, ऑक्यूलर सरफेस डिजीज, डिसफंक्शनल टियर सिंड्रोम या केराटोकोंजंक्टिवाइटिस सिका भी कहते हैं।

आंखों में सूखापन होने के कारण

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इसके प्रमुख कारण निम्न है;

  • नजर धुंधली हो जाना।
  • आंखों में हर वक्त जलन होना।
  • तेज रोशनी या धूप में देखने में दिक्कत होना।
  • आंखों के कोनों से सफेद डिस्चार्ज निकलना।
  • आंखों से पानी बहते रहना।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।