E-Attendance: लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
E-Attendance: एमपी के ग्वालियर शहर में ग्रीष्मावकाश के दौरान प्रशासनिक कार्यों में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के लिए अब ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने वाले शिक्षकों को ही अर्जित अवकाश (ईएल) का लाभ दिया जाएगा।
डीपीआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनगणना, निर्वाचन और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाए गए शिक्षकों को ड्यूटी स्थल पर हमारे शिक्षक एप से उपस्थिति दर्ज करनी होगी। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से ड्यूटी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी तथा फर्जी उपस्थिति और विवादों पर रोक लगेगी।
गौरतलब है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान कई शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव, जनगणना, सर्वे और अन्य शासकीय कार्यों में लगाई जाती है। इसके बदले शिक्षकों को अर्जित अवकाश दिया जाता है। लेकिन कई बार उपस्थिति और कार्य निष्पादन को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। इसी को देखते हुए अब विभाग ने डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी है।
जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए अपनी नई ट्रांसफर पॉलिसी घोषित की है। स्कूल शिक्षा विभाग की नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत अब उन्हीं शिक्षकों के तबादले होंगे, जिनकी करीब 90 फीसदी से ज्यादा ई-अटेंडेंस लगी है। जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम दर्ज है, उन्हें इस साल की ट्रांसफर पॉलिसी से बाहर कर दिया गया है। सभी सीनियर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 90 फीसदी से कम ई—अटेंडेंस वाले शिक्षकों का डेटा एजुकेशन पोर्टल पर अपडेट किया जाए। साथ ही, संविलियन की सेवा अवधि 3 साल पूरे नहीं करने वाले शिक्षकों का डेटा अपडेट करें।
लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय से जारी निर्देशों के मुताबिक, 1 जून 2026 तक एजुेकशन पोर्टल 3.0 पर सभी शिक्षकों की डिटेल डाली जाना है। आयुक्त कार्यालय से जारी पत्र में लिखा है कि यह वह शिक्षक है, जिनकी जनगणना में ड्यूटी लगाई गई हैं। ऐसे में उनके ट्रांसफर नहीं किए जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग से हर स्कूल में कार्यरत एक-एक शिक्षक का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश हैं।
राज्य सरकार ने लगभग 58 हजार शिक्षकों के तबादलों को फिलहाल रोक दिया है। लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इन शिक्षकों के ट्रांसफर फरवरी 2027 तक नहीं किए जाएंगे। इसके बाद विभाग नई परिस्थितियों के अनुसार अलग ट्रांसफर नीति लागू कर सकता है। फिलहाल इनके तबादलों को लेकर कोई नई प्रक्रिया घोषित नहीं की गई है।