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‘टि्वशा’ और ‘दीपिका’ ही नहीं, घरेलू हिंसा में ‘ग्वालियर’ सबसे आगे, घुट रहा बेटियों का दम

NCRB Report 2024: एनसीआरबी की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार मुरैना में दहेज के लिए 25 महिलाओं की हत्या हुई है...

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NCRB Report 2024: (Photo Source- freepik)

NCRB Report 2024: नोएडा की दो बेटियों ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर के केस ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दहेज के लिए महिलाओं को प्रताड़ित करने के मामले थम नहीं रहे हैं। हालाकि सरकार ने महिला अपराधों को रोकने कानून को कसा भी है। फिर भी ग्वालियर-चंबल अंचल में तस्वीर चिंताजनक है। नेशनल क्राइम रेकार्ड व्यूरो (एनसीआरबी) की हालिया रिपोर्ट बताती है कि दहेज के लिए महिलाओं को जान से मारने में मुरैना और घरेलू हिंसा में ग्वालियर प्रदेश में सबसे आगे है। इन केसों की स्टडी से एक बात और सामने आई है कि अगर लड़का सरकारी सेवा में है तो उसकी बोली लगना आम बात है। लड़के वाले मुंह मांगा दहेज मांगते हैं।

पैसा, गाड़ी और गहने का चलन

एनसीआरबी की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार मुरैना में दहेज के लिए 25 महिलाओं की हत्या हुई है। इन मामलों की जांच कर रही पुलिस कहती है दहेज के लिए महिलाओं की जान लेने या उन्हें सुसाइड के लिए मजबूर करने के पीछे दहेज में कार, गहना और पैसे का लालच है। लोग ज्यादा दहेज लेना स्टेटस सिबल मानते हैं। दहेज में कमी को सामाजिक अपमान समझ कर नव विवाहिताओं को दहेज लाने के लिए दवाब डालते हैं। यही वजह है कि कोर्ट में शिकायतों का ढेर है।

दहेज हत्या के मामले

मार्च 2024: जौरा के खिटोरा गांव में नव विवाहिता ज्योति को दहेज के लिए जिंदा जलाने की दहलाने वाली वारदात सामने आई।

जनवरी 2025: सबलगढ़ के रहू गांव में अंजू शर्मा को दहेज के लिए ससुराल में पीटने और कुएं में फेंकने की सनसनीखेज वारदात।

सामाजिक बदलाव जरूरी, दोनों पक्ष जिम्मेदार

दहेज के लिए अपराधों में ५ इजाफा चिंता की बात है। इस पर पूरी तरह लगाम कसना पुलिस और कानून के लिए मुश्किल है। दहेज के लेन-देन पर लगाम कसने के लिए वर और कन्या दोनों पक्ष को आगे आने होगा केवल बातों में इस पर लगाम नहीं कसेगी। दहेज का चलन बढ़ने की बड़ी वजह सरकारी नौकरी वाले दूल्हों की डिमांड है।

ऐसे युवकों से शादी करने के लिए कन्या पक्ष के लोग हैसियत से ज्यादा दहेज देने की बात करते हैं शादी तय होने पर दहेज में कमी होने पर विवाद की स्थिति बनती है। दहेज पर लगाम के लिए दोनों पक्षों छ को संकल्प लेना होगा कि वह न दहेज लेंगे और न देंगे। तब जाकर दहेज के चलन और उसकी वजह होने से वाले अपराधों पर लगाम कसेगी। -दीपक भार्गव, रिटायर्ड सीएसपी