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‘पिता ने कर्ज लेकर विदेश में पढ़ाया, हादसे में चली गई जान’, MBBS की डिग्री लेकर लौटे गोंडा के रवि और उनके परिवार के सपनों पर फिर गया पानी

Delhi Saket Building Collapse: दिल्ली के साकेत में इमारत गिरने से गोंडा के रवि वर्मा की मौत हो गई है। रवि का शव आज उनके पैतृक गांव लाया गया। रवि ने विदेश में MBBS की पढ़ाई की थी।

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डॉ. रवि की फाइल फोटो (सोर्स- पत्रिका)

दिल्ली के साकेत इलाके में इमारत गिरने की घटना ने गोंडा के एक परिवार के सपनों को हमेशा के लिए तोड़ दिया। तरबगंज क्षेत्र के रहने वाले 26 वर्षीय रवि वर्मा की इस हादसे में मौत हो गई। रवि ने विदेश से MBBS की पढ़ाई की थी। परिवार ने कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई कराई थी। अब उनसे घर की आर्थिक स्थिति बदलने की उम्मीदें जुड़ी थीं।

दिल्ली के साकेत में हुए इमारत हादसे में उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक युवा की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। तरबगंज थाना क्षेत्र के रामापुर गांव के रहने वाले 26 वर्षीय रवि वर्मा इस दुर्घटना का शिकार हो गए। रवि का सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने और अपने परिवार की आर्थिक परेशानियों को दूर करने का था। लेकिन एक हादसे ने उनकी जिंदगी की कहानी अधूरी छोड़ दी।

रवि ने किर्गिस्तान की जलाल-अबाद स्टेट यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। उनके पिता रामप्रकाश वर्मा किसान हैं। बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए उन्होंने अपनी सामर्थ्य से अधिक खर्च किया। कर्ज लेकर उसकी पढ़ाई पूरी कराई। परिवार को उम्मीद थी कि रवि डॉक्टर बनने के बाद घर की जिम्मेदारियां संभालेंगे। और आर्थिक संकट से बाहर निकालेंगे।

विदेश में प्रैक्टिस करने की तैयारी कर रहे थे रवि

डॉक्टर रवि अगस्त 2024 में भारत लौटने के बाद रवि विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा (FMGE) की तैयारी में जुट गए थे। यह परीक्षा 28 जून को होनी थी। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिलने के कारण वह इस बार पूरी मेहनत कर रहे थे। परिवार और दोस्तों के अनुसार रवि रोज कई घंटे पढ़ाई करते थे। वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे।

घर पर शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया

हादसे की सूचना मिलते ही रवि के पिता और अन्य परिजन दिल्ली पहुंचे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार सुबह उनका शव पैतृक गांव लाया गया। गांव में जैसे ही शव पहुंचा, शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार उनके घर पहुंचे।

रवि घर की उम्मीद थे रवि

रवि पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनके पीछे माता-पिता, एक बड़ी बहन, दो छोटे भाई और एक छोटी बहन हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि रवि घर की उम्मीद थे। सभी को उनके उज्ज्वल भविष्य का इंतजार था। हादसे में जान गंवाने की वजह से सिर्फ रवि की ही नहीं, बल्कि उनके परिवार का भी सपना टूट गया।