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राजस्थान में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां हुई कम, जानिए अब किस तारीख से खुलेंगे स्कूल?

Rajasthan Summer Holidays 2026: राजस्थान शिक्षा विभाग ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 45 दिन से घटाकर 35 दिन कर दी हैं। जिसके बाद भीषण गर्मी का हवाला देते हुए शिक्षक संगठनों ने फैसले का विरोध किया है। जानिए अब कब खुलेंगे स्कूल।

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School Reopen in Rajasthan 2026 (Image- Freepik)

Rajasthan School Holidays 2026: राजस्थान के स्कूली स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य के शिक्षा विभाग ने एकेडमिक सेशन 2026 और 2027 के लिए गर्मी की छुट्टियों (समर वेकेशन) के दिनों को कम कर दिया है। नए एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार, राजस्थान के सरकारी और निजी स्कूलों में अब 17 मई से 20 जून तक ही गर्मी की छुट्टियां रहेंगी। इसके बाद 21 जून से ही स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

अब 35 दिन की छुट्टियां

पहले स्टूडेंट्स को गर्मियों में करीब 45 दिन की छुट्टियां मिलती थीं जिसे, अब घटाकर 35 दिन कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि नया एकेडमिक सेशन समय पर और ज्यादा व्यवस्थित तरीके से चल सके। अब शिक्षा विभाग ने नया कैलेंडर जारी कर 21 जून से ही नियमित कक्षाएं लगाने का फरमान सुनाया है।

योग दिवस से ही शुरू होगी पढ़ाई

अब तक राज्य में यह नियम था कि स्कूल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए सिर्फ एक दिन खुलते थे और फिर 1 जुलाई तक के लिए बंद हो जाते थे। इस वजह से जून के आखिरी हफ्ते में स्कूलों में कोई पढ़ाई नहीं हो पाती थी। लेकिन इस साल से यह पुरानी व्यवस्था बदल दी गई है। अब स्कूल 21 जून को योग दिवस मनाने के साथ-साथ नियमित पढ़ाई के लिए भी खुलेंगे। इसी दिन से नया सेशन बिना किसी देरी के आगे बढ़ेगा।

एडमिशन और छुट्टियों के नए नियम

शिक्षा विभाग ने नए कैलेंडर में कई और बदलाव भी किए हैं:

  • कक्षा 9 से 12 तक के लिए एडमिशन की आखिरी तारीख 11 जुलाई, 2026 तय की गई है।
  • कक्षा 1 से 8 तक के एडमिशन पूरे साल चलते रहेंगे।
  • स्कूल प्रिंसिपल्स के अधिकारों में भी कटौती की गई है। पहले वे दो स्थानीय छुट्टियां घोषित कर सकते थे लेकिन अब नए नियमों के तहत वे केवल एक ही लोकल छुट्टी घोषित कर सकेंगे।

शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध

शिक्षा विभाग के इस फैसले का शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि, मई और जून के महीने में राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है। इतनी भीषण गर्मी में बच्चों का स्कूल आना बहुत मुश्किल और खतरनाक हो सकता है। शिक्षक समूहों ने सरकार से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है क्योंकि तेज धूप और लू से बच्चों की हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है।