IIT Ke 4 Launde viral video: सोशल मीडिया पर एक स्टार्टअप के संस्थापकों का वीडियो वायरल हो रहा है। इन्होंने एक इंजीनियर को उसकी 35 हजार की डिमांड के बजाय 50 हजार रुपये महीने की सैलरी पर नौकरी दी। जानिए इन आईआईटी पासआउट युवाओं ने यह फैसला क्यों किया।
IIT Startup Story: कॉर्पोरेट जगत में अक्सर कंपनियां कर्मचारियों की सैलरी कम करने या कॉस्ट कटिंग के बहाने ढूंढती हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर एक स्टार्टअप के फाउंडर्स की जमकर तारीफ हो रही है जिन्होंने एक मिसाल कायम की है। आईआईटी (IIT) से पढ़े इन फाउंडर्स ने नौकरी मांगने आए एक युवा को उसकी मांगी गई सैलरी से बहुत ज्यादा पैसे ऑफर किए। उम्मीदवार ने 35 हजार रुपये महीना मांगा था लेकिन, कंपनी ने उसे 50 हजार रुपये की सैलरी पर काम पर रखा।
आईआईटी के पूर्व छात्रों के एक ग्रुप ने इंस्टाग्राम पर आईआईटी के 4 लौंडे (IIT Ke 4 Launde) नाम के पेज पर एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में फाउंडर्स ने बताया कि, जब वे एक इंजीनियर की भर्ती कर रहे थे तो उस कैंडिडेट की पुरानी सैलरी 30 हजार रुपये थी। जब उससे पूछा गया कि, उसे कितनी सैलरी चाहिए तो उसने 35 हजार रुपयेपरमंथ की मांग की। लेकिन मैनेजमेंट ने उस पद के लिए 50 हजार रुपये का बजट पहले से तय कर रखा था। इसलिए कंपनी ने पैसे बचाने के बजाय उस युवा को पूरे 50 हजार रुपये ऑफर किए।
वीडियो में एक संस्थापक ने बताया कि, जॉब ज्वाइन करने के कुछ दिन बाद उस एम्प्लॉय ने खुद आकर पूछा कि, आपने मुझे मांगी गई रकम से ज्यादा सैलरी क्यों दी। इस पर संस्थापक ने जवाब दिया कि, मुझे ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि, उस काम की असली कीमत 50 हजार रुपये ही थी और मैनेजमेंट ने वह बजट पास कर दिया था। संस्थापक का मानना था कि अगर वह उस युवा की पैसों की चिंता खत्म कर सकते हैं तो उसे अपने काम पर ज्यादा ध्यान लगाने में मदद मिलेगी।
इसी बीच दूसरे संस्थापक ने वीडियो में एक और बड़ी बात बताई। उन्होंने कहा कि लोगों को यह नहीं पता कि वह कर्मचारी पिछले तीन साल से हमारी कंपनी के साथ काम कर रहा है। अगर वह बीच में नौकरी छोड़कर चला जाता तो किसी नए व्यक्ति को ढूंढने और उसे काम सिखाने में कंपनी का बहुत ज्यादा पैसा और समय खर्च होता। इसलिए हमारा काम करने का यही तरीका है कि, हम पैसे बचाने से ज्यादा क्वालिटी और अच्छे लोगों को कंपनी में रोकने पर ध्यान देते हैं।
यह वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोग इन फाउंडर्स की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि आप लोग ड्रीम रिक्रूटर हैं जिनके साथ हर कोई काम करना चाहेगा। वहीं एक एचआर (HR) प्रोफेशनल ने कमेंट किया कि एक एचआर होने के नाते मैं इस फैसले का पूरा समर्थन करता हूं लेकिन मेरी कंपनी मुझे ऐसा कभी नहीं करने देगी। एक अन्य यूजर ने लिखा कि जब बजट पहले से तय हो तो कर्मचारियों पर पैसा खर्च करना सबसे अच्छी बात है।