राजस्थान के डूंगरपुर जिले का एक युवक विदेश में नौकरी और सुनहरे भविष्य के सपने के नाम पर ठगी का शिकार हो गया। आरोप है कि एजेंट ने नीदरलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठे और बाद में युवक को वर्क वीजा के बजाय टूरिस्ट वीजा पर हांगकांग भेज दिया। वीजा अवधि समाप्त होने के बाद स्थानीय पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया।
डूंगरपुर। जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के कनबा गांव में एक युवक को सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। शातिर ठग ने युवक को वर्क वीजा के बजाय टूरिस्ट (भ्रमण) वीजा पर हांगकांग भेज दिया, जहां वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद स्थानीय पुलिस ने उसे अवैध घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित पिता ने मंगलवार को डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर न्याय और कार्रवाई की गुहार लगाते हुए परिवाद सौंपा है।
परिवाद में बिलपन निवासी गौतम पुत्र कचरा पटेल ने बताया कि वह कनबा गांव में लकड़ी के कारखाने में मजदूरी करता है। काम के सिलसिले में उसका अक्सर कनबा निवासी ओमप्रकाश कलाल की दुकान पर आना-जाना था। 5 अप्रेल को जब गौतम दुकान पर रुका, तो ओमप्रकाश ने उसके बेटे दिलीप को नीदरलैंड भेजने और वहां अच्छी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। बुकिंग और शुरुआती खर्च के नाम पर आरोपी ने 75 हजार रुपए मांगे, जिसे गौतम ने ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। लेकिन 8 महीने बीत जाने के बाद भी जब दिलीप को विदेश नहीं भेजा गया, तो गौतम ने अपने पैसे वापस मांगे।
आरोपी ओमप्रकाश ने नया पैंतरा बदला और गौतम को झांसा दिया कि वह उसके बेटे को नीदरलैंड के बजाय हांगकांग भेज देगा, लेकिन इसके लिए 7.5 लाख रुपए और लगेंगे। बेटे के भविष्य की खातिर गरीब ने गांव के लोगों से भारी ब्याज पर साढ़े सात लाख रुपए उधार लिए और आरोपी ओमप्रकाश को सौंप दिए। रुपए ऐंठने के बाद आरोपी ने दिलीप को हांगकांग की फ्लाइट में तो बैठा दिया, लेकिन उसे धोखे से वर्क परमिट के बजाय केवल कुछ दिनों के 'टूरिस्ट वीजा' पर भेजा गया।
हांगकांग पहुंचने के बाद दिलीप कुछ दिन एक होटल में ठहरा। इस बीच उसके टूरिस्ट वीजा की अवधि समाप्त हो गई। वीजा खत्म होते ही हांगकांग पुलिस ने दिलीप को अवैध रूप से देश में रहने और घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल विदेशी पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
बेटे की गिरफ्तारी की खबर जब भारत में पिता गौतमलाल को मिली, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने तुरंत आरोपी ओमप्रकाश से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन ठगी का खुलासा होने के डर से आरोपी ने पीड़ित का फोन उठाना बंद कर दिया और फरार हो गया। कर्ज के दलदल में फंसे और बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित पिता ने अब डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक की शरण ली है।