Dungarpur Water Crisis : डूंगरपुर में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत आयोजित जल रात्रि चौपाल में महिलाओं ने पीएचईडी विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए खरी-खोटी सुनाई।
Dungarpur Water Crisis : साहब! पिछले एक माह से पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। अब तो हालात ऐसे हो गए हैं कि मेहमानों को भी पानी की किल्लत के चलते आने से मना करना पड़ रहा हैं। कुछ ऐसी ही पानी की समस्या गुरुवार रात को डूंगरपुर के साबला पंचायत समिति की ग्राम पंचायत पचलासा छोटा में आयोजित वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत आयोजित जल रात्रि चौपाल में महिलाओं ने बयां की। जिला कलेक्टर देशलदान की अध्यक्षता एवं पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा के सानिध्य में आयोजित चौपाल में महिलाओं ने पीएचईडी विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए खरी-खोटी सुनाई।
इस दौरान एसडीएम अभिलाषा व तहसीलदार मोहनलाल बारिया ने महिलाओ से समझाइश के प्रयास किए। महिलाओं में मथुरा जोशी, कृति जोशी, गीता भगवती सहित कई महिलाओं ने जिला कलक्टर से पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा पिछले लंबे समय से परेशानी बनी हुई हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि मेहमानों को फोन कर घर आने से मना करना पड़ रह है, जिससे रिश्तेदार भी नाराज हो रहे हैं।
ग्रामीणों की शिकायत सुन डूंगरपुर जिला कलक्टर ने पीएचईडी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जल्द समस्या के समाधान के निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया लंबित होने का हवाला देते हुए समस्या समाधान के लिए एक माह का समय मांगा।
चौपाल में पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष जयेश शर्मा, खुमान सिंह पंवार, देवीसिंह राठौड़, माधवसिंह कल्लू भाई, बीडीओ वाल सिंह राणा, सहायक अभियंता मनीष मजूमदार, डॉ दिलीप यादव, जयेश शर्मा, बद्रीलाल रंगेली, जिला शिक्षा अधिकारी हेमंत पण्ड्या, क्षेत्रीय वन अधिकारी सोनम मीणा, खुमान सिंह पंवार सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन गजेन्द्र भावसार ने किया।
ग्रामीणों ने चौपाल में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। लोगों ने कहा कि जब मंत्री आते हैं या रात्रि चौपाल होती है, उस दिन पूरे दिन निर्बाध बिजली रहती है, तो आम दिनों में ऐसा क्यों नहीं? ग्रामीणों ने खराब सड़कें, जर्जर नहरें-धोरे, खराबा मुआवजा सहित अन्य समस्याओं को लेकर भी ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन कार्यों के दौरान टूटी सड़कों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की भी मांग उठाई।