धौलपुर. भीषण गर्मी से इन दिनों हर कोई परेशान हैं और बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। विशेषकर सुबह काम पर जाने वाले लोग हल्का नाश्ता लेना चाहते हैं जिससे गर्मी से बचाव हो सके और भूखे पेट से गर्मी में बीमार न पड़ें। ऐसे में सत्तू का उपयोग रामबाण है।
धौलपुर. भीषण गर्मी से इन दिनों हर कोई परेशान हैं और बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। विशेषकर सुबह काम पर जाने वाले लोग हल्का नाश्ता लेना चाहते हैं जिससे गर्मी से बचाव हो सके और भूखे पेट से गर्मी में बीमार न पड़ें। ऐसे में सत्तू का उपयोग रामबाण है।
सत्तू शरीर को ठंडा तो रखता ही है, साथ ही एनर्जी भी देता है जिससे थकान नहीं होती है। विशेष बात ये है कि कोल्ड ड्रिंक्स और पेज पदार्थ के मुकाबले सत्तू प्राकृतिक शीतलता और पोषक तत्वों से भरपूर है। यह गर्मियों के लिए एक शानदार पेय है। यह भुने हुए बेसन बना पानी के साथ पीने से शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है और हाइड्रेट करता है। बाजार में इन दिनों आसानी से सत्तू उपलब्ध है। बाजार में इस समय सत्तू का भाव से 90 से 100 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। हालांकि, कई लोग अभी भी सत्तू अलग से पिसवा कर घरों में रखते हैं और सुबह के समय सेवन करते हैं।
लू और भीषण गर्मी से करता बचाव
गर्मी में सत्तू का उपयोग लाभदायक रहता है। तासीर ठंडी होने से यह शरीर का तापमान नियंत्रित करता है। साथ ही भीषण गर्मी में यह बचाव करता है। खास बात ये है कि इसमें प्रोटीन, आयरन और कार्बोहाइड्रेट होने से यह शरीर का ऊर्जा देता है, जिससे आप बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। सत्तू एक तरह से ड्रिंक है जो आपको एनर्जी देता है। वहीं, सत्तू का उपयोग पेट के लिए भी बेहतर रहता है। यह पाचन तंत्र ठीक रखता है। इसमें फाइबर की मात्रा अच्छी खासी होती है। यह एसिडिटी, कब्ज और पेट फूलने की समस्या से व्यक्ति राहत देता है। साथ ही सत्तू को ठंडे पानी में घोलकर पीने से यह शरीर में पानी की कमी भी दूर करता है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर को फायदा देते हैं। विशेष बात सत्तू खाने के बाद आपको भूख कम लगेगी। पेट भरा महसूस होता है, जिससे आप ज्यादा भोजन नहीं करेंगे और शरीर का वजन नियंत्रित रहता है।
डॉक्टर बोले- नेचुरल ड्रिंक है सत्तू
कासिमपुर आयुर्वेद अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.विनोद गर्ग बताते हैं कि सत्तू प्रकृातिक ड्रिंक है। गर्मी में नियमित उपयोग करने से यह शरीर को फायदा पहुंचाता है और पाचन तंत्र को सही करता है। वे कहते हैं कि काफी फाइबर पाचन में मदद करता है, पेट फूलने से राहत देता है और आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखता है। बता दें कि सत्तू पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर सत्तू पसीने के माध्यम से शरीर से निकले खनिजों की भरपाई करता है, जो मीठे सोडा से कहीं बेहतर है। सत्तू बेचने वाले रामू कहते हैं कि सत्तू की बिक्री ठीकठाक हो जाती है। जून में आने वाले गंगा दशहरा तक सत्तू की बिक्री रहती है।
इस तरह करें सेवन
- सत्तू को बर्तन में घोल ले और मिठास के लिए गुड़ का उपयोग।
- सत्तू को साधा तरीके से भी सेवन किया जा सकता है।
- ठंडे पानी में सत्तू घोल कर इसमें हल्का नींबू, जीरा, काला नमक और पुदाना पाउडर भी डाल सकते हैं।
- सत्तू को आप पानी के अलावा छाछ के साथ उपयोग कर सकते हैं।
- डायबिटीज पीडि़त डॉक्टर की सलाह पर ही लें।