# धर्म-कर्म

महिलाओं के दृढ़ संकल्प से समाज में आएगा व्यापक बदलाव 

बेंगलूरु बदलते परिवेश में समाज के नवनिर्माण में महिलाओं और कन्याओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। स्त्रियां आज समाज, धर्म और राष्ट्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रही है। दृढ़ संकल्प, गहरी लगन और अथक परिश्रम ने उनकी सफलताओं के द्वार खोल दिए हैं। यह बातें आचार्य विमलसागर सूरीश्वर ने हुब्बल्ली से गदग […]

less than 1 minute read

बेंगलूरु

बदलते परिवेश में समाज के नवनिर्माण में महिलाओं और कन्याओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। स्त्रियां आज समाज, धर्म और राष्ट्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रही है। दृढ़ संकल्प, गहरी लगन और अथक परिश्रम ने उनकी सफलताओं के द्वार खोल दिए हैं।

यह बातें आचार्य विमलसागर सूरीश्वर ने हुब्बल्ली से गदग की पदयात्रा के दौरान नलवड़ी के स्कूल में प्रवचन देते कही। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में युवकों की तुलना में कन्याओं में धीरता, गंभीरता, सहनशीलता और परिपक्वता जैसे गुण अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। गुणों के कारण आने वाला जमाना कन्याओं और महिलाओं के नाम होगा।आचार्य ने बताया कि समाज में अनेक विषमताएं हैं। सामूहिक प्रयासों से ही उन्हें दूर किया जा सकता है। कन्या और महिला वर्ग का दृढ़ संकल्प समाज में व्यापक बदलाव ला सकता है। पढ़ाई, फैशन, धन और पेशे से भी बढ़कर हैं मनुष्य का चरित्र। इस तथ्य को हमें नहीं भूलना चाहिए।

भारतीय पुलिस सेवा के लिए इस वर्ष उत्तीर्ण हुई हुब्बल्ली की कृपा पालरेचा ने अपने परिवार के साथ आचार्य के दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किए। आचार्य ने कहा कि पूरी निष्ठा, प्रमाणिकता और सहिष्णुता के साथ अपने पद और सामर्थ्य का उपयोग करना है। लोगों को पुलिस पर पूरा भरोसा रहे, ऐसा हमारा व्यवहार होना चाहिए। विशेषकर छोटे व सामान्य लोगों को न्याय मिले तथा महिला व कन्यावर्ग की सुरक्षा हो, गणि पद्मविमलसागर ने भी परिचर्चा में मार्गदर्शन दिया।