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क्या जानते हैं जगन्नाथ मंदिर के अनोखे तथ्य, दर्शन से पहले जान लें ये जरूरी नियम

Jagannath Puri: हिंदुओं के चार धामों में से एक भगवान जगन्नाथ मंदिर ओडिशा के पुरी शहर में है। यह मंदिर सुबह 5:30 बजे से रात 10 बजे तक खुलता है। इस मंदिर से जुड़े कई अनोखे तथ्य हैं, जिसे आप शायद ही जानते होंगे। साथ ही इस मंदिर में दर्शन के लिए कुछ नियम जानना जरूरी है। आइये जानते हैं जगन्नाथ जी के दर्शन के नियम (jagannath mandir me pravesh ke niyam)...

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Jagannath Puri: क्या जानते हैं जगन्नाथ मंदिर के अनोखे तथ्य, दर्शन से पहले जान लें ये जरूरी नियम

जगन्नाथ मंदिर में भगवान कृष्ण का दिल

Jagannath Puri Mandir unique facts: प्राचीन कथा के अनुसार द्वापर युग में जब भगवान श्रीकृष्ण ने देह त्याग दिया तो भगवान के निर्देश के अनुसार अर्जुन ने अंतिम संस्कार किया लेकिन उनका हृदय कई दिनों तक जलता रहा। इस पर अर्जुन ने उनका हृदय लकड़ियों समेत समुद्र में बहा दिया। यह दिल कई वर्षों तक समुद्र में बहता रहा और आखिर में पुरी के समुद्र तट पर पहुंचा।

यहां भगवान श्रीकृष्ण के आदेश पर मालवा देश के राजा इन्द्रद्युम्न ने जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया। इसके बाद उस दारु ब्रह्म/ श्रीकृष्ण के हृदय से भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा, सुदर्शन चक्र का निर्माण कराया गया। इन मूर्तियों को जगन्नाथ मंदिर में स्थापित किया गया। इसके बाद तब से लेकर आज तक उनकी पूजा की जाती है।

जगन्नाथ पुरी मंदिर के अनोखे तथ्य (Jagannath Puri Mandir unique facts)

  1. मंदिर के शीर्ष पर पतित पावन ध्वज वायु की विपरीत दिशा में लहराता है। हालांकि कई बार वायु की दिशा में भी लहराता है।
  2. पतित पावन ध्वज जिस नील चक्र पर स्थापित है उसे किसी भी दिशा से देखने पर आपकी ओर मुख किए हुए ही प्रतीत होता है।
  3. मंदिर के शीर्ष की परछाई दिन के किसी भी समय पर भूमि पर नहीं पड़ती है।
  4. मंदिर के शीर्ष पर स्थित ध्वज को प्रतिदिन बदला जाता है, मान्यता है कि ऐसा न करने पर मंदिर 18 वर्षों तक बंद हो जाएगा।
  5. मंदिर के ऊपर कोई भी पंछी उड़ता हुआ नहीं दिखाई देता है और भारत सरकार द्वारा जगन्नाथ मंदिर के ऊपर से कोई भी हवाईजहाज उड़ने की भी पूर्णतया पाबंदी है।

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जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश के नियमः जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश के लिए कुछ नियम (Jagannath Mandir Niyam) है, इसे जानना जरूरी है।

  1. मंदिर में प्रवेश करने के लिए आपका भारतीय परिधान में होना आवश्यक है। पुरुषों को पैंट/ धोती इत्यादि पहनने और महिलाओं को साड़ी/ सलवार कमीज, सूट पहनने के बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलता है। आप जींस, शॉर्ट्स इत्यादि पहनकर मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते।
  2. मंदिर के अंदर मोबाइल फोन, कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, हथियार इत्यादि ले जाने पर रोक रहती है।
  3. मंदिर में गंदगी करने या किसी मूर्ति को छूने पर भी रोक है।
  4. महाप्रसाद को फेंकने पर जुर्माना लग सकता है, इसलिए प्रसाद को पूरा ग्रहण करें।
  5. किसी भी श्रद्धालु के साथ छेड़छाड़ या अराजकता फैलाने पर आपके ऊपर विभिन्न धाराओं में केस चलाया जा सकता है।