Jewellery Fraud Case: धमतरी में सराफा व्यापारी से करीब 70 लाख रुपये के जेवर लेकर युवक फरार हो गया। आरोपी के पिता वर्षों तक व्यापारी की दुकान में काम कर चुके थे, जिसके कारण भरोसे का फायदा उठाया गया। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Jewellery Fraud Case: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में विश्वासघात और कथित धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक सराफा व्यापारी को उस युवक ने करीब 70 लाख रुपए का चूना लगा दिया, जिसके परिवार पर वह वर्षों से भरोसा करता था। आरोपी के पिता लंबे समय तक व्यापारी की दुकान में कार्यरत रहे थे और अपनी ईमानदारी के कारण परिवार का विश्वास जीत चुके थे। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार धमतरी के सराफा कारोबारी जसराज जैन का आरोपी हेमंत सोनी और उसके परिवार से वर्षों पुराना परिचय था। हेमंत के पिता लंबे समय तक व्यापारी की दुकान में काम करते रहे थे और अपनी ईमानदारी के कारण परिवार का भरोसा जीत चुके थे। इसी वजह से हेमंत का भी दुकान में नियमित आना-जाना था। धीरे-धीरे व्यापारी का उस पर विश्वास बढ़ता गया और वह उसे परिवार के सदस्य की तरह मानने लगा।
बताया जा रहा है कि भरोसे के चलते व्यापारी कई बार दुकान और कीमती सामान की जिम्मेदारी भी आरोपी को सौंप देता था। इसी बीच करीब दो महीने पहले हेमंत सोनी कथित रूप से लगभग 70 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लेकर गायब हो गया। शुरुआत में व्यापारी को लगा कि युवक किसी जरूरी काम से गया होगा, लेकिन समय बीतने के बाद भी उसके वापस नहीं लौटने पर संदेह गहराने लगा।
व्यापारी ने जब आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिलने और युवक के ठिकाने का पता नहीं चलने पर व्यापारी को धोखाधड़ी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।
मामले में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि आरोपी के परिजनों ने भी उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इससे मामले की जांच और अधिक पेचीदा हो गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी वास्तव में फरार है या फिर किसी सुनियोजित तरीके से खुद को छिपा रहा है।
जानकारी के मुताबिक आरोपी हेमंत सोनी लोक निर्माण विभाग (PWD) में कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। ऐसे में पुलिस उसके कार्यालय, परिचितों और संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां उसके बैंक खातों, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी मामले की पड़ताल कर रही हैं।
कोतवाली पुलिस ने व्यापारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की तलाश के लिए विभिन्न संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय व्यापारियों के बीच भी इस घटना की चर्चा है। लोगों का कहना है कि वर्षों से बने विश्वास का इस तरह दुरुपयोग होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि व्यापारिक और व्यक्तिगत संबंधों में भरोसा जितना महत्वपूर्ण होता है, उतनी ही जरूरी सतर्कता भी होती है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।