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बांदीकुई में आगरा फाटक पर 129.89 करोड़ की लागत से बनेगा रेलवे ओवरब्रिज, डिमार्केशन का काम आज से शुरू

Agra Phatak Railway Overbridge: दौसा जिले के बांदीकुई शहर में आगरा फाटक नम्बर 104 पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर आज से डिमार्केशन का काम शुरू हो गया है।

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एआई तस्वीर

Railway Overbridge Agra Phatak Bandikui: दौसा जिले के बांदीकुई शहर में आगरा फाटक नम्बर 104 पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर आज से डिमार्केशन का काम शुरू हो गया है। आगरा फाटक नम्बर 104 पर 129.89 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज को लेकर बांदीकुई विधायक भागचंद सैनी टांकड़ा ने सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय में अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें निर्माण कार्यों की प्रगति एवं आगामी कार्य योजना पर चर्चा की गई।

विधायक ने अधिकारियों को कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न हो और गुणवत्ता से कोई समझौता न किए जाने के निर्देश दिए हैं। सहायक अभियंता नितेश सैनी ने बताया कि रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए बुधवार से डिमार्केशन (सीमांकन) कार्य शुरू हो गया है। रेलवे ओवरब्रिज निर्माण से क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही यातायात जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

सहायक अभियंता नितेश सैनी ने बताया कि विधायक की मंशा के अनुसार रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में आमजन व व्यापारियों का कम से कम नुकसान हो इसका प्रमुखता से ध्यान रखा जाएगा। प्रोजेक्ट पहले से ही सिंगल पिलर तकनीक पर आधारित है जिससे अधिक जगह नहीं घिरेगी। इस मौके पर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, रामकरण सैनी, जेईएन विश्वेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।

1200 मीटर लम्बाई का होगा आरओबी

सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार 129.89 करोड़ रुपए की लागत से आरओबी का निर्माण के लिए स्वीकृति मिली है। जो पंचायत समिति के सामने से शुरू होकर पुलिस थाने के आगे पेट्रोल पंप तक जाएगा। इसको लेकर डीपीआर के बाद वित्तीय स्वीकृति जारी हो गई है।

जाम से लोग होते हैं परेशान

आगरा फाटक पर लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फाटक बंद होने के दौरान दोनों ओर जाम लग जाता है। वहीं समीप ही उपजिला अस्पताल भी स्थित है। ऐसे में इमरजैंसी के दौरान तो एम्बूलेंस का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। गौरतलब है कि आगरा फाटक पर दिन में कई बार जाम लगने की समस्या पिछले करीब 25 साल से बनी हुई है। फाटक बंद होने पर शहर दो हिस्सों में बंट जाता है, जिससे आमजन, विद्यार्थियों, मरीजों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार एम्बुलेंस और जरूरी सेवाएं भी जाम में फंस जाती हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की थी, जिससे यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके।