दौसा पुलिस ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए नोटों की डिजाइन और एडिटिंग करने वाले मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
दौसा। नकली भारतीय मुद्रा के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दौसा पुलिस ने उस शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो नकली नोटों की डिजाइन तैयार करने और उनकी डिजिटल एडिटिंग का काम करता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी संगठित गिरोह का अहम सदस्य था और राजस्थान में नकली नोटों की सप्लाई से भी जुड़ा हुआ था। मामले में पहले ही लाखों रुपए के नकली नोट और छपाई में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए जा चुके हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुलशन (39) पुत्र प्रेमनाथ निवासी जैन नगर, सेक्टर-38, कंझावला रोहिणी, दिल्ली के रूप में हुई है। सदर थाना पुलिस ने उसे 6 जून को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह नकली नोटों की डिजाइन तैयार करने और उन्हें असली नोटों जैसा स्वरूप देने का काम करता था। मामले की शुरुआत 28 मई को हुई थी, जब कोतवाली थाना पुलिस ने 500-500 रुपए के कुल 40 हजार रुपए के नकली नोटों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया था।
जांच आगे बढ़ने पर एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया, जिसके कब्जे से 47 हजार रुपए की नकली भारतीय मुद्रा बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने गिरोह के सरगना संतोष सिंह वाल्मीकि और उसके साथी विशाल उपाध्याय को फरीदाबाद (हरियाणा) से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से 24.37 लाख रुपए के नकली नोट, विशेष कागज, स्याही, वॉटरमार्क डाई, लैपटॉप, प्रिंटर तथा अन्य उपकरण बरामद किए थे। जांच में सामने आया कि गिरोह संगठित तरीके से नकली नोट छापकर विभिन्न जिलों में सप्लाई कर रहा था।
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि गिरोह नकली नोटों को बाजार में चलाने के लिए बच्चों का सहारा लेता था। इसके अलावा अजमेर सहित अन्य क्षेत्रों में भी नकली नोट भेजे जाने की जानकारी मिली है। पुलिस ने इससे पहले सुमेरनगर मदनगंज निवासी नितेश रावत, दूदू निवासी अजय मीना और अजमेर निवासी नवीन कोमर रेगर से पूछताछ की थी। पूछताछ में पता चला कि बरामद तीन नकली नोट दौसा निवासी कुलदीप गुर्जर उर्फ केडी से लाए गए थे। सदर थानाधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।