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Dausa News: सरकारी गाड़ी से शराब लेने का VIDEO वायरल, महवा थाने के ASI लाइन हाजिर, चालक को हटाया

दौसा जिले में पुलिस वाहन में बैठकर शराब खरीदे जाने के मामले में एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महवा थाने के एएसआई देशराज को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं डायल 112 वाहन के चालक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई वीडियो वायरल होने के बाद हुई।

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सरकारी वाहन से शराब लेता पुलिसकर्मी (फोटो- सोशल मीडिया)

दौसा। जिले के महवा थाना क्षेत्र में पुलिस वाहन से शराब लेने जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही दौसा पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महवा थाने में तैनात एएसआई देशराज को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं डायल-112 वाहन चालक की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।

जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 11 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में पुलिस की सरकारी गाड़ी शराब की दुकान के बाहर खड़ी दिखाई दे रही है। आरोप है कि वाहन में मौजूद पुलिसकर्मी वहां से शराब लेते नजर आए। किसी व्यक्ति ने दूर से इसका वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

वायरल वीडियो देखें :

वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया। एसपी पीयूष दीक्षित ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत रिपोर्ट तलब की। प्रारंभिक जानकारी मिलने के बाद उन्होंने महवा थाने में कार्यरत एएसआई देशराज को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही डायल-112 वाहन चालक धीरज को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

विभागीय जांच होगी

महवा थानाधिकारी सचिन शर्मा ने बताया कि सरकारी वाहन से शराब लेने जाने का मामला सामने आने पर उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई की है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

वीडियो में क्या दिखा?

वायरल वीडियो में पुलिस वाहन शराब के ठेके के सामने रुकता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में चर्चा शुरू हो गई। देर रात वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों तक मामला पहुंचा।

महवा सीओ के पास जांच

दौसा एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महवा सीओ को जांच सौंपी है। पुलिस विभाग इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि सरकारी वाहन का उपयोग किस परिस्थिति में किया गया और क्या विभागीय नियमों का उल्लंघन हुआ है। घटना के बाद इलाके में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। वहीं पुलिस विभाग इस पूरे प्रकरण में अपनी छवि पर पड़े असर को देखते हुए सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है।