# दौसा

Dausa: नंबर प्लेट और रंग बदलकर दूसरे जिलों में चोरी की कार बेचते थे, पुलिस ने 550 CCTV खंगाले, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

राजस्थान पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी के संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड को अरेस्ट किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर महंगे वाहनों की चोरी करता था और बाद में उनकी पहचान मिटाने के लिए नंबर प्लेट बदलने के साथ-साथ रंग तक बदल देता था ।

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बरामद चोरी की एसयूवी

दौसा । पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी के संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है । आरोपी के कब्जे से चोरी की गई कार बरामद की गई है । पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर महंगे वाहनों की चोरी करता था और बाद में उनकी पहचान मिटाने के लिए नंबर प्लेट बदलने के साथ-साथ रंग तक बदल देता था । जानकारी के अनुसार गणेश नगर निवासी सुनील शर्मा ने 23 मई 2026 को कोतवाली थाने में कार चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी ।

एसपी पीयूष दीक्षित ने पत्रकारों को बताया कि वाहन चोरी का सुराग तलाशने के लिए पुलिस ने दौसा, बस्सी, कानोता, जयपुर, बगरू, किशनगढ़ और आसपास के कई क्षेत्रों में लगे करीब 550 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली । साइबर सेल की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबरों और लोकेशन का विश्लेषण किया गया।

एसपी ने बताया कि मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र के नांदरी निवासी 22 वर्षीय योगेश कुमार मीणा को गिरफ्तार किया गया है। एएसपी शंकर लाल मीणा ने बताया कि योगेश पहले चोरी की वारदात रिश्ते में उसके जीजा रिंकू मीणा के साथ करता था। बाद में उसने अपना अलग गिरोह बना लिया। गिरोह में रवि कुमार मीणा निवासी भूतला का बास अलवर, सुनील मीणा निवासी काठवाड़ी का बास अलवर, राहुल मीणा समलेटी व दीपक मीणा निवासी भगत का बास अलवर को शामिल कर लिया। अभी पुलिस ने केवल योगेश को गिरफ्तार किया है।

तोड़ देते हैं सेंसर

संगठित गिरोह के सदस्य चोरी से पहले वाहन के सुरक्षा सिस्टम और सेंसर को निष्क्रिय कर देते हैं। ताकि चोरी के दौरान किसी प्रकार का अलार्म न बजे। इसके बाद वाहन को मुख्य मार्गों और टोल नाकों से बचाते हुए कच्चे रास्तों से सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जाता था।

बीएनएस की धारा 111 जोड़ेंगे: एएसपी

एएसपी मीणा ने बताया कि योगेश कुमार के खिलाफ अवैध हथियार रखने, संगठित वाहन चोरी और अन्य आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह बैजूपाड़ा थाना क्षेत्र में फायरिंग के मामले में भी वांछित चल रहा है। जयपुर जिले से चोरी हुई एक अन्य कार के मामले में भी उसकी तलाश की जा रही थी। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 111 भी जोड़ी जाएगी।