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Vaibhav Sooryavanshi को टेस्ट क्रिकेट में लाने के लिए कौन कर रहा मजबूर? अवार्ड समारोह में अश्विन का बड़ा बयान

R Ashwin on Vaibhav Sooryavanshi into test cricket: क्रिकइन्फो ऑनर्स अवार्ड्स 2026 में 21वीं सदी के 25 महानतम पुरुष इंटरनेशनल क्रिकेटर बने आर अश्विन ने वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में लाने का सपोर्ट किया है, लेकिन उन्‍होंने यह भी कहा कि वैभव को इसके लिए मजबूर करना सही नहीं होगा।

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वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका के दौरे पर। (फोटो सोर्स: वीडियो स्‍क्रीन शॉट)

R Ashwin on Vaibhav Sooryavanshi into test cricket: सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स के साथ आईपीएल 2026 अभियान का शानदार आनंद लिया और दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली युवा टैलेंट में से एक बनकर उभरे। 15 साल के इस खिलाड़ी की निडर बल्लेबाजी और पूरे सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक बना दिया और उनकी बढ़ती लोकप्रियता में चार चांद लगा दिए, जिसके चलते उन्‍हें टेस्‍ट क्रिकेट में लाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।

'वैभव को टेस्‍ट खेलने के लिए मजबूर करना सही नहीं'

क्रिइन्फो ऑनर्स अवार्ड्स 2026 समारोह में 21वीं सदी के 25 महानतम पुरुष इंटरनेशनल क्रिकेटरों में शामिल हुए आर अश्विन ने भी माना कि इस युवा खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट का हिस्सा होना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि उन्‍हें रेड बॉल क्रिकेट के लिए मजबूर करना सही नहीं होगा।

बता दें वैभव के पिता का भी सपना है कि वह बेटे टेस्‍ट क्रिकेट में देखें। आईपीएल में उनकी सफलता को देखते हुए कई दिग्‍गज क्रिकेटर ने भी उन्‍हें जल्‍द ही भारतीय टीम में चुनने का मुद्दा भी उठाया।

'आप ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकते'

अश्विन ने कहा कि मुझे पर्सनली लगता है कि उसे टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए। अगर आप खेल की बड़ी भलाई के बारे में सोच रहे हैं, तो उसे खेलना चाहिए। लेकिन फिर भी, क्या आप अपने बच्चों को वह सिखा सकते हैं, जो वे सीखना नहीं चाहते? आप ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि इकोसिस्टम इन चीजों को चला रहा है और कभी-कभी, जब खेल आपको बताता है कि क्या करने की जरूरत है, तो जो वह आपको बता रहा है, उसे मानना ​​बेहतर होता है।

'अब कम युवा टेस्‍ट क्रिकेट को अपनी पहली चाहत के तौर पर देखते हैं'

वहीं, भारत के पूर्व ऑलराउंडर ने उभरते हुए क्रिकेटरों के बीच बदलते ट्रेंड पर कहा कि अब कम युवा रेड-बॉल क्रिकेट को अपनी पहली चाहत के तौर पर देखते हैं। उन्‍होंने कहा कि आप खेल के किसी खास पहलू को जबरदस्ती नहीं कर सकते।

उन्‍होंने आगे कहा कि हां, टेस्ट क्रिकेट सबसे ऊपर है, लेकिन मैं लंबे समय से ग्रासरूट कोचिंग से जुड़ा रहा हूं, और मुझे नहीं लगता कि युवा क्रिकेटर रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहेंगे। वे कुछ गेंदों को डिफेंड करते हैं और तुरंत वे शॉट सीखना चाहते हैं, जो उन्हें मुश्किल से निकाल सकें।

'हर कोई सूर्यवंशी का आगे बढ़ते देखना चाहता है'

अश्विन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हर कोई सूर्यवंशी का आगे बढ़ते देखना चाहता है। इस साल की शुरुआत में जब इंडिया ने 2026 अंडर-19 मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता था, तब उन्‍हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। वहीं, उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए एक ऐतिहासिक आईपीएल सीजन खेला।

उन्‍होंने 237.30 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर टूर्नामेंट खत्म किया और टूर्नामेंट के इतिहास में एक ही सीजन में 72 छक्के लगाने वाले पहले प्लेयर बने। ऐसा करके उन्होंने 2012 में क्रिस गेल के 59 छक्कों के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उनके जबरदस्त रन बनाने के कारनामों ने उन्हें ऑरेंज कैप और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी दिलाया।