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LPG, UPI और PF से लेकर PAN तक, जून महीने में हो रहे हैं 8 बदलाव, आपकी जेब पर पड़ेगा असर

June Financial Changes: 1 जून से आम लोगों की वित्तीय जिंदगी से जुड़े कई नियम बदल रहे हैं। UPI पेमेंट्स में ज्यादा पारदर्शिता आएगी, कुछ बैंकिंग सेवाएं महंगी हो सकती हैं और PAN व सोलर प्रोजेक्ट्स से जुड़े नियमों में भी बदलाव होगा।

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Changes from 1st June: जून महीने से कई बदलाव लागू हो रहे हैं।(PC: AI)

Changes from 1st June: हर महीने पैसों से जुड़े कुछ ऐसे बदलाव होते हैं, तो आम आदमी की जेब पर सीधे असर डालते हैं। इस बार जून की शुरुआत ऐसे ही कई बड़े बदलाव लेकर आ रही है। चाहे आप नौकरीपेशा हों, निवेशक हों, UPI से भुगतान करते हों या फिर प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने की योजना बना रहे हों, आपको इन नए नियमों की जानकारी होना जरूरी है। 1 जून से टैक्स, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सोलर सेक्टर से जुड़े कई बदलाव लागू होने जा रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।

UPI पेमेंट में बढ़ेगी सुरक्षा

डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब जब आप किसी QR कोड को स्कैन करेंगे या मोबाइल नंबर पर पैसे भेजेंगे, तो स्क्रीन पर सामने वाले व्यक्ति का वही नाम दिखाई देगा, जो बैंक रिकॉर्ड में दर्ज है। अब तक कई मामलों में यूजर अपनी पसंद का नाम या टैग इस्तेमाल कर लेते थे, जिससे लोगों के साथ धोखाधड़ी की आशंका बनी रहती थी। नए सिस्टम के बाद गलत पहचान बनाकर ठगी करना पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो जाएगा।

15 जून तक भरना होगा एडवांस टैक्स

जून का सबसे अहम वित्तीय काम एडवांस टैक्स से जुड़ा है। जिन लोगों की अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ज्यादा है, उन्हें 15 जून 2026 तक एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करनी होगी। यह पहली बार होगा जब एडवांस टैक्स की प्रक्रिया पूरी तरह नए आयकर कानून 2025 और आयकर नियम 2026 के तहत संचालित होगी। तय समय पर भुगतान नहीं करने पर हर महीने 1 फीसदी ब्याज देना पड़ सकता है।

नौकरीपेशा लोगों को मिलेगी राहत

पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर भी है। बच्चों के एजुकेशन भत्ते (Children Education Allowance) पर मिलने वाली छूट को बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चे कर दिया गया है। पहले यह राशि बेहद कम थी। इसी तरह हॉस्टल भत्ता छूट भी बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके अलावा बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों को 50 फीसदी HRA छूट वाले शहरों की सूची में शामिल किया गया है। इससे इन शहरों में रहने वाले कई कर्मचारियों को टैक्स बचत का फायदा मिल सकता है।

ATM और बैंकिंग सेवाएं हो सकती हैं महंगी

जून में कुछ बैंक अपनी कुछ सेवाओं पर फीस बढ़ा रहे हैं। कैश निकासी, मिनी स्टेटमेंट और बैलेंस चेक जैसी सेवाओं के लिए पहले की तुलना में ज्यादा शुल्क देना पड़ सकता है। इसका असर ATM सेवाओं पर भी पड़ सकता है। अलग-अलग बैंकों के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए ग्राहकों को अपने बैंक की नई शुल्क सूची जरूर देख लेनी चाहिए।

PF का पैसा निकालना होगा आसान

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) भी एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। जल्द ही UPI के जरिए सीधे PF निकासी की सुविधा शुरू हो सकती है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद कर्मचारियों को पैसे मिलने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो सकती है। सरकार का कहना है कि इसके लिए टेस्टिंग पूरी हो गई है।

LPG, CNG और PNG की कीमतों पर रहेगी नजर

हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी तेल कंपनियां LPG, CNG और PNG की कीमतों की समीक्षा करेंगी। पिछले महीने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई थी। ऐसे में बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि इस बार कीमतों में कोई नया बदलाव होता है या नहीं।

PAN से जुड़े नियमों में भी बदलाव

उच्च मूल्य के लेनदेन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब सामान्य परिस्थितियों में 50,000 रुपये से अधिक नकद जमा करने पर PAN की जरूरत नहीं होगी। वहीं, प्रॉपर्टी बिक्री के कुछ मामलों में PAN की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। हालांकि, सरकार ने बड़े लेनदेन पर निगरानी और सख्त कर दी है। 45 लाख रुपये से अधिक की प्रॉपर्टी डील, गिफ्ट डीड और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट में PAN देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सालभर में 10 लाख रुपये से ज्यादा नकद निकासी होने पर उसकी रिपोर्टिंग भी की जाएगी।

सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए नए नियम

ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भी 1 जून से बड़ा बदलाव लागू होगा। सरकार समर्थित, सब्सिडी वाले और नेट मीटरिंग आधारित सभी नए सोलर प्रोजेक्ट्स में अब केवल ALMM सूची में शामिल सोलर मॉड्यूल ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे। सरकार ने कहा है कि इस नियम को लेकर अब कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी जाएगी। इससे शुरुआती दौर में सोलर इंस्टॉलेशन की लागत कुछ बढ़ सकती है, लेकिन इसका उद्देश्य गुणवत्ता और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।