# बीकानेर

इंतजार और अभी: बीछवाल-शोभासर जलाशय भरने में लग सकता है एक सप्ताह

शहर की पेयजल व्यवस्था का मुख्य आधार बीछवाल और शोभासर जलाशय हैं, लेकिन दोनों जलाशयों को पूरी तरह भरने में अभी करीब एक सप्ताह और लग सकता है।

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फाइल फोटो

नहर बंदी समाप्त हुए एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद शहर की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है। कई इलाकों में अब भी पानी की किल्लत बनी हुई है और लोग प्रदर्शन तक कर रहे हैं। हालांकि जलदाय विभाग का दावा है कि स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। शहर की पेयजल व्यवस्था का मुख्य आधार बीछवाल और शोभासर जलाशय हैं, लेकिन दोनों जलाशयों को पूरी तरह भरने में अभी करीब एक सप्ताह और लग सकता है। नहर से 21 मई से लगातार पानी की आवक जारी है, इसके बावजूद जलाशयों का स्तर अभी संतोषजनक स्थिति तक नहीं पहुंच पाया है।

1500-1500 एमएल क्षमता वाले जलाशय
बीछवाल और शोभासर दोनों जलाशयों की क्षमता 1500-1500 एमएल है। नहर बंदी के दौरान इनका जलस्तर काफी नीचे चला गया था। अब धीरे-धीरे पानी की आवक बढ़ रही है। वर्तमान स्थिति में बीछवाल जलाशय में करीब 450 एमएल तथा शोभासर में मात्र 12 एमएल पानी पहुंच पाया है। विभाग की ओर से नियमित जलापूर्ति शुरू किए जाने के बावजूद शोभासर जलाशय से जुड़े कई इलाकों में पेयजल संकट बरकरार है।

1.34 लाख उपभोक्ताओं की निर्भरता
शहर के करीब एक लाख 34 हजार उपभोक्ता इन दोनों जलाशयों पर निर्भर हैं। ये वे उपभोक्ता हैं जिनके घरों तक जलदाय विभाग की ओर से नियमित पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में जलाशयों का पूरी क्षमता तक नहीं भर पाना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।

विभाग बोला… धीरे-धीरे सुधर रही स्थिति
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया ने बताया कि नहर बंदी समाप्त होने के बाद व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा रहा है। कई क्षेत्रों से अब पानी संबंधी शिकायतें कम हुई हैं। दोनों जलाशयों में निरंतर पानी की आवक जारी है और उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह में दोनों जलाशय पूरी तरह भर जाएंगे।