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Twisha Sharma Death: गिरिबाला सिंह ने CCTV से की छेड़छाड़, भोपाल पुलिस का बड़ा आरोप

Twisha Sharma Death: भोपाल पुलिस ने मृतिका ट्विशा शर्मा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) की जमानत को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस आवेदन में भोपाल पुलिस ने सास पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए है।

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Police alleges Giribala Singh tampered CCTV footage (फोटो-Patrika.com and ANI)

Twisha Sharma Death:भोपाल के हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस मामले में भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्विशा शर्मा मामले में भोपाल कमिश्नर संजय कुमार ने प्रेस वार्ता कर कहा था - हमने 3 नोटिस गिरिबाला सिंह को दिए हैं लेकिन उनकी तरफ से कोई सहयोग नहीं दिया गया है। अब भोपाल पुलिस ने मृतिका ट्विशा शर्मा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) की जमानत को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। बता दें कि, ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने भी गिरिबाला सिंह को मिली जमानत को रद्द कराने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इस पर 25 मई को सुनवाई होगी। (MP News)

भोपाल पुलिस ने अपनी याचिका में क्या कहा?

भोपाल पुलिस द्वारा दायर अपनी याचिका में कहा कि- निचली अदालत द्वारा जिस दिन एफआईआर दर्ज की गई थी उसी दिन गिरिबाला सिंह को 'यांत्रिक तरीके' से जमानत दे दी गई। पुलिस ने कहा कि इस मामले में सोशल मीडिया चैट (व्हाट्सऐप), मेडिकल साक्ष्य, परिवारों के बयान, दहेज प्रताड़ना के आरोप जैसे गंभीर तथ्य मौजूद थी फिर भी 15 मई यानी
एफआईआर दर्ज करने वाले दिन ही गिरिबाला को जमानत दी गई।

प्रेसवार्ता में भोपाल कमिश्नर ने कहा कि पुलिस ने एंटीसिपेटरी बेल रद्द करवाने हाईकोर्ट का रुख किया है। इस तरह मामलों की जांच में समय लगता है। कमिश्नर ने कहा कि 'हमने डॉन दिन के अंदर एफआईआर दर्ज की थी। मामले की सीबीआई जांच को लेकर उन्होंने कहा कि सीबीआई की मांग शासन स्तर का फैसला है लेकिन जब तक केस ट्रांसफर नहीं होगा अब तक हम कार्रवाई जाए रहेंगे। कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि वायरल 'सीसीटीवी में दिख रहे लोगों को लेकर बयान किए गए हैं। गिरिबाला सिंह ने जो कॉल किए थे उसे भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। हमने निष्पक्ष जांच की है। किसी तरह का कोई डिले नहीं हुआ है। समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।'

भोपाल पुलिस ने गिरिबाला की जमानत रद्द करने के दिए ये आधार

पुलिस ने अपने आवेदान में कुछ तथ्य कोर्ट के सामने रखे है जिनके आधार पर वह गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने की मांग कर रहे है।

  • गिरिबाला सिंह जमानत की शर्तों और जांच एजेंसियों के निर्देशों का पालन नहीं कर रही हैं। वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही है।
  • पुलिस ने अपने आवेदन में कहा कि- 35 साल तक जज रहने के बावजूद गिरिबाला ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। उन्होंने घटना के समय पुलिस को सूचना नहीं दी जबकि ऐसी स्थिति में सबसे पहले पुलिस को जानकारी दी जाती है। इसके विपरीत गिरिबाला ट्विशा को एम्स भोपाल लेकर चली गई जिससे क्राइम सीन और एविडेंस प्रभावित हुए।
  • पुलिस ने मेडिकल साक्ष्य को भी गिरिबाला की जमानत रद्द कराने का आधार बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि ट्विशा की मौत का कारण लिगेचर हैंगिंग बताया गया है लेकिन उसके शरीर के कई जगहों पर 'कुंद आघात' से संभव कई 'मृत्यु से पहले लगी चोटें' (Ante-Mortem Injuries) भी पाई गई थी। पुलिस ने आवेदन में बताया कि ये मेडिकल साक्ष्य दहेज प्रताड़ना और डोमेस्टिक वायलेंस की तरफ इशारा कर रहा है जो की अपने आप में एक केस को और भी गंभीर बना रहा है।
  • पुलिस ने आरोप लगाया है कि गिरिबाला सिंह ने सीसीटीवी फुटेज और सबूतों के साथ कथित छेड़छाड़ की है। पुलिस का कहना है कि 13 मई को गिरिबाला सिंह के घर का सीसीटीवी फुटेज जांच एजेंसी ने जब्त किया था लेकिन उनके पास पहले से ये फुटेज सुरक्षित था। पुलिस का आरोप है गिरिबाला सिंह जांच को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के लिए सोशल मीडिया पर सीसीटीवी से 'चुनिंदा क्लिप्स' को काटकर वायरल किया।
  • पुलिस ने ट्विशा की मां, भाई और भाभी के बयानों को भी आधार माना है। पुलिस ने आवेदन में कहा कि इन परिजनों ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह (Samarth Singh) और सास गिरिबाला सिंह पर आरोप लगाया है कि वह दहेज की मांग को लेकर ट्विशा से मारपीट करते थे और उसके करैक्टर पर भी सवाल उठाया करते थे।
  • पुलिस ने अपने आवेदन में ये भी बताया कि समर्थ और गिरिबाला सिंह पर ये भी आरोप है कि अप्रैल 2026 में उन्होंने ट्विशा के गर्भवती होने के बाद उसे प्रताड़ित किया और मई में उसे एबॉर्शन के लिए मजबूर किया गया।
  • आखरी फोन कॉल को भी बनाया आधार। पुलिस ने अपने आवेदन में बताया कि 12 मई की रात करीब 9:41 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन किया था जिसमे उसकी मां ने पीछे से समर्थ के चिल्लाने की आवाज सुनी थी। इसके बात अचानक फोन कट हो गया और बंद हो गया। घबराय परिजनों ने फिर पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला को कॉल किया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद
  • पुलिस ने हाईकोर्ट में आवेदन कर बताया कि सेशन कोर्ट ने व्हाट्सऐप चैट को देखे बिना गिरिबाला को जमानत दे दी गई। यह व्हाट्सऐप चैट ट्विशा और उसके माता-पिता के बीच की थी जिसमे मृतिका ने बताया था कि उसकी सास और पति उसे प्रताड़ित कर रहे है। इस बड़े साक्ष्य के बावजूद पूर्व जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत देना तथ्यों की अनदेखी है।
  • पुलिस ने आवेदन में बताया कि धारा 118 के अंतर्गत अगर किसी भी महिला की मौत शादी के सात साल बाद किसी भी अप्राकृतिक परिस्तिथियों में होती है तो, महिला के पति और उसके ससुराल पर कानूनी अनुमान बनता है। इस मामले ट्विशा की शादी को सिर्फ 5-6 महीने हुए थे लेकिन निचली अदालत ने इसे भी नजरअंदाज कर दिया। (MP News)