Giribal Singh- भोपाल जिला और सत्र न्यायालय में लोगों ने पुराने दिनों की बातें साझा कीं, सीबीआई रिमांड के लिए लाई थी कोर्ट
Giribal Singh- भोपाल जिला और सत्र न्यायालय के लिए शुक्रवार यानि 29 मई 2026 का दिन हमेशा याद रखा जाएगा। इस दिन यहां की एक पूर्व जज आरोपी के रूप में अदालत आईं। भोपाल की जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी गिरिबाला सिंह अपनी बहू ट्विशा शर्मा की मौत के केस में आरोपी हैं। सीबीआई ने अपनी रिमांड पर लेने के लिए उन्हें कोर्ट में पेश किया। जांच अधिका रियों से घिरीं गिरिबाला सिंह इधर-उधर देखती रहीं। वे खासी बेचैन भी दिखीं। सीबीआई की कस्टडी में खड़ीं पूर्व जज गिरिबाला सिंह को मायूस देख वहां मौजूद वकीलों, कोर्ट कर्मचारियों—अधिकारियों को अनायास ही उनके पुराने दिन याद आ गए। तब जिला जज के रूप में गिरिबाला सिंह का जबर्दस्त रुतबा था। बेहद सख्त न्यायिक अधिकारी उनकी पहचान थी।
गिरिबाला सिंह भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहीं हैं। वह 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक यहां पदस्थ थी। इस प्रकार भोपाल कोर्ट में जज के रूप में उनका कार्यकाल करीब 19 माह का रहा।
भोपाल कोर्ट में गिरिबाला सिंह के समय को आज भी याद किया जाता है। उन्हें सख्त मिजाज न्यायिक अधिकारी माना जाता रहा है। भोपाल कोर्ट में पदस्थ एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताते हैं कि जिला जज के रूप में गिरिबाला सिंह का खासा रुतबा था। जैसे ही उनकी कार प्रवेश करती, कोर्ट परिसर में सब अलर्ट मोड में आ जाते थे।
गिरिबाला सिंह के कार से उतरने और कोर्टरूम में जाने के दौरान का नजारा आज भी स्टाफ याद करता है। भोपाल कोर्ट के न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी उन्हें देख तुरंत अपने स्थान पर खड़े हो जाते थे।
हालांकि ट्विशा केस ने सब कुछ बदल दिया। गिरिबाला सिंह पर बहू पर दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगे हैं। ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत पर वे सीबीआई के शिकंजे में हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में जब गिरिबाला सिंह को जिला कोर्ट लाया गया तो हर किसी को तरस आ गया। वे बेहद उदास दिखीं। सीबीआई अधिकारियों के बीच खड़ी गिरिबाला सिंह कई बार थककर बैठीं। पूरे समय मौन रहीं, केवल केस के संबंध में ही सीबीआई अधिकारियों या अपने वकील से बातचीत की। इस बीच एक बार दस्तखत करने में आनाकानी भी की लेकिन वकील की सलाह पर तुरंत मान भी गईं।