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MP के 1.5 लाख शिक्षकों को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट का आदेश TET पास करना अनिवार्य

TET Mandatory for Teachers: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए कहा- शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देना ही पड़ेगी, ये बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास के लिए जरुरी है।

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MP Teachers TET Rule: सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद लिए बैठे मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शिक्षकों को टीईटी परीक्षा देनी होगी और परीक्षा को पास करना होगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को थोड़ी राहत देते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने की अवधि दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी है।

शिक्षकों को TET पास करनी ही होगी- सुप्रीम कोर्ट

रिव्यू पिटीशनों पर सुनवाई करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का TET पास करना जरुरी है और इसलिए शिक्षकों की TET पास करना अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षकों की सेवा प्रभावित होने से शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है ये माना जा सकता है, लेकिन बच्चों का हित सबसे ज्यादा जरूरी है।

मध्यप्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों पर भी लागू होगा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ कहा है ये फैसला सिर्फ मध्यप्रदेश के शिक्षकों के लिए नहीं है बल्कि देशभर के उन राज्यों में भी लागू होगा जिनमें अब तक पुराने शिक्षकों को टीईटी से छूट मिल रही थी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को थोड़ी राहत देते हुए टीईटी पास करने की समय अवधि दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी, जिससे अब शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करने का मौका मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि साल में कम से कम दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित करें जिससे कि शिक्षकों को पर्याप्त मौके मिल सकें।

क्या है TET परीक्षा ?

बता दें कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) एक अनिवार्य योग्यता है जिसे NCTE ने 2010 में लागू किया था। यह सुनिश्चित करता है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों में न्यूनतम शैक्षणिक स्तर और कौशल मौजूद है। मध्य प्रदेश में वर्तमान में स्थिति यह है कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा टीईटी अनिवार्य करने के बाद प्रदेश के करीब 1.5 लाख अनुभवी शिक्षकों को फिर से छात्र बनकर टीईटी की परीक्षा देनी होगी। यहां ये भी बता दें कि TET परीक्षा में दो पेपर होते हैं जिनमें से एक में पहली से पांचवी और दूसरे में पांचवी से आठवीं तक के लिए परीक्षा होती है।