Twisha Sharma Case - ट्विशा केस में कई घंटों हुई पूछताछ के बाद सास गिरिबाला को किया था गिरफ़्तार, बेटे के साथ सीबीआई के लॉकअप में रखा
Twisha Sharma Case -ट्विशा केस में पति समर्थ के साथ ही अब सास, भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह भी सीबीआई की हवालात में पहुंच चुकी हैं। अपनी बहू मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआइ ने उन्हें गुुरुवार को गिरफ़्तार कर लिया था। बुधवार देर रात ही हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद गुरुवार सुबह सीबीआई टीम उनके घर पहुंची और ट्विशा की मौत से जुड़े कई सवाल पूछे। कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद घटना के 17वें दिन पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया। सीबीआइ उन्हें मैनिट में तैयार कैंप ऑफिस ले गई। यहीं मेडिकल जांच कराई। बाद में सीबीआइ ऑफिस ले गई। केस के लिए सीबीआइ ने भोपाल दफ़्तर से अलग मैनिट गेस्ट हाउस को कैंप ऑफिस बनाया है। अब शुक्रवार को सीबीआइ स्पेशल कोर्ट में पेश कर गिरिबाला सिंह को रिमांड पर लेगी। ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह अब बुरी तरह फंस गए हैं। भविष्य की चिंता ने मां बेटे को बेचैन कर दिया है।
सीबीआइ की टीम सुबह 10.30 बजे ट्विशा के आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर उसके घर पहुंची। यहां सास गिरिबाला सिंह, चचेरे भाई स्वराज और अन्य लोगों से 7 घंटे पूछताछ की। इसके बाद शाम 5.15 बजे गिरिबाला को गिरफ़्तार कर लिया।
किसी भी प्रश्न का कोई ठोस जवाब नहीं दिया
सूत्रों की मानें तो सीबीआइ ने ट्विशा की संदिग्ध मौत के संबंध में सास गिरिबाला सिंह से अनेक सवाल पूछे। उन्होंने किसी भी प्रश्न का कोई ठोस जवाब नहीं दिया।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह को रात में सीबीआइ लॉकअप में ही रखा गया। मां बेटे रातभर बेचैन नजर आए। आज गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश कर सीबीआई रिमांड मांगेगी। जांच अधिकारियों के अनुसार घटना की तह तक पहुंचने के लिए पूर्व जज के बयान काफी अहम साबित होंगे।
केस को सुलझाने के लिए सीबीआइ ने भोपाल स्थित दफ़्तर से अलग मैनिट गेस्ट हाउस को कैंप ऑफिस बनाया। यहीं पांच सदस्यीय टीम केस ऑपरेट करेगी।
सुबह 10.30 बजे: बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला के घर पहुंची सीबीआइ टीम।
शाम 5.13 बजे: 7 घंटे पूछताछ के बाद सीबीआइ ने पूर्व जज को किया गिरफ़्तार, गाड़ी में बैठाया।
शाम 5.15 बजे: सास गिरिबाला को गाड़ी से ले गई सीबीआइ कैम्प ऑफिस।