Raja Bhoj Airport: राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक जुलाई से नोएडा के लिए डायरेक्ट फ्लाइट उपलब्ध हो जाएगी। इंडिगो ने इस रूट पर स्लॉट ले लिया है।
Raja Bhoj Airport: एमपी के भोपाल शहर में राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक बार फिर डेढ़ लाख ज्यादा यात्री संख्या वाले क्लब में शामिल हो गया है। भोपाल एयरपोर्ट पर मई के महीने में समर सीजन के दौरान रिकार्ड तोड़ 1 लाख 54 हजार से ज्यादा हवाई यात्रियों ने अलग अलग देशों के लिए उड़ान भरी। मई के महीने में एयर इंडिया एवं इंडिगो एयरलाइंस की 1000 से ज्यादा फ्लाइट ऑपरेशन किए गए। इस दौरान 74834 यात्री अलग-अलग शहरों से भोपाल पहुंचे।
इसके अलावा 79531 यात्रियों ने भोपाल से दिल्ल, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे जैसे शहरों के लिए उड़ान भरी। मई 2026 के मुकाबले पिछले साल यात्रियों की संख्या कम दर्ज की गई थी। इस दौरान महज 1 लाख 33 हजार 534 हवाई यात्री ही अलग-अलग शहरों के लिए भोपाल एयरपोर्ट से उड़ान में शामिल हुए थे।
राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक जुलाई से नोएडा के लिए डायरेक्ट फ्लाइट उपलब्ध हो जाएगी। इंडिगो ने इस रूट पर स्लॉट ले लिया है। नोएडा का जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। नवीं मुंबई एवं जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन हाल ही में शुरू हुआ है। दोनों देश के नए एयरपोर्ट हैं। इंडिगो ने समर शेड्यूल में नवीं मुंबई उड़ान शुरू की थी। अब एक जुलाई से भोपाल से जेवर तक सीधी उड़ान शुरू करने की तैयारी की है।
इस रूट पर कंपनी 72 सीटों वाला एटीआर विमान संचालित करेगी। प्रस्तावित उड़ान शाम 4.10 बजे भोपाल पहुंचेगी। भोपाल से शाम 4.40 बजे जेवर एयरपोर्ट पर लैंड होगी। एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस भी भोपाल से उड़ान संचालन शुरू करेगी।
वहीं दूसरी ओर राजा भोज एयरपोर्ट में विमानन कंपनियों ने भोपाल से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद रूट की उड़ानों में बड़ी कटौती कर दी है। 1 जून से भोपाल से हैदराबाद और मुंबई के लिए एक-एक फ्लाइट कम हो गई है। उड़ानों में इस कटौती के कारण आने वाले दिनों में हवाई किराये में 20 से 25% तक की भारी बढ़ोतरी होने की आशंका है। स्कूल बंद होने के कारण गर्मियों की छुट्टियों और शादियों के सीजन के बीच अचानक उड़ानों की संख्या कम होने से सीधे तौर पर सीटों की उपलब्धता घट जाएगी।
लोगों का कहना है कि भोपाल से मुख्य महानगरों के लिए यात्रियों की संख्या लगातार बनी हुई है, ऐसे में फ्लाइट्स कम होने से विमानन कंपनियां डायनेमिक प्राइसिंग के तहत किराया बढ़ाएंगी। इससे हवाई सफर करने वालों को 20 से 25 प्रतिशत तक अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है।