Twisha Sharma Case - ट्विशा ने कथित रूप से जिस बेल्ट से फांसी लगाई थी, वही अधिकारियों को नहीं दिया, इससे भोपाल पुलिस और आरोपियों पर शक बढ़ गया
Twisha Case - ट्विशा शर्मा डेथ केस की वास्तविकता सामने लाने के लिए सीबीआई की टीम जुटी हुई है हालांकि मामला अभी साफ नहीं हुआ है। ट्विशा ने आत्महत्या की या उसकी हत्या हुई, अभी तक यह गुत्थी नहीं सुलझी है। वारदात के बाद भोपाल पुलिस ने एम्स की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे आत्महत्या का केस बताया और इसी आधार पर जांच शुरु की। इधर ट्विशा के मां-पिता-भाई व अन्य परिजनों ने इसे हत्या का केस बताते हुए हो हल्ला शुरु किया तो पुलिस पर दबाव बढ़ा। बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। दरअसल इस मामले को लिगेचर बेल्ट पर भोपाल पुलिस की लापरवाही ने सबसे ज्यादा उलझाया। ट्विशा ने कथित रूप से जिस बेल्ट से फांसी लगाई थी, वही लिगेचर जांच अधिकारियों को नहीं दिया गया। इससे भोपाल पुलिस और आरोपियों पर शक बढ़ गया। इसी के साथ जांच की दिशा भी बदल गई।
सीबीआई की जांच में एक अहम बात सामने आई है। जांच अधिकारियों के अनुसार ट्विशा द्वारा कथित रूप से फांसी लगाने के लिए इस्तेमाल किया गया बेल्ट घटनास्थल से बरामद तो किया गया लेकिन इसे नियमातंर्गत जमा नहीं किया गया। इसके लिए एक सब इंस्पेक्टर को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। सबसे बुरी बात तो यह है कि भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इतनी गंभीर लापरवाही के बाद भी उसपर कोई कार्रवाई नहीं की।
बेल्ट को एम्स में पोस्टमार्टम के दौरान भी उपलब्ध नहीं कराया
विशेषज्ञों के मुताबिक लिगेचर बेल्ट को बरामदगी के तुरंत बाद फोरेंसिक प्रक्रिया के तहत जमा कराया जाना था। वारदात का यह सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य था। यहां तक कि बेल्ट को एम्स में पोस्टमार्टम के दौरान भी उपलब्ध नहीं कराया। जब मीडिया में इसको लेकर खबरें प्रकाशित हुई और पुलिस पर सवाल उठे तब जाकर लिगेचर बेल्ट एफएसएल को भेजा।
बताया जा रहा है कि सीबीआई इस लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपना रही है। केंद्रीय जांच एजेेंसी के अधिकारी संबंधित सब इंस्पेक्टर को नोटिस देने की तैयारी में हैं।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, लिगेचर बेल्ट के संबंध में सामने आई गंभीर लापरवाही से इस केस की जांच पूरी तरह मुड़ गई।
इससे पुलिस पर शक बढ़ गया और साथ ही ट्विशा की संदिग्ध मौत को आत्महत्या की बजाए हत्या के एंगल से भी देखा जाने लगा। सीबीआई दोनों पहलुओं से केस की जांच कर रही है।