Twisha Sharma Case- फुटेज से छेड़छाड़ में घिरीं पूर्व जज गिरिबाला, CCTV फुटेज का समय व कई सवालों के नहीं दिए ठोस जवाब, पूछताछ में भावुक हुईं
Twisha Sharma Case- भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश इस वक्त अपनी बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में कानून के शिकंजे में हैं। सीबीआई उन्हें गिरफ़्तार कर चुकी है। पूर्व जज गिरिबाला सिंह केंद्रीय एजेंसी के सवालों में घिरीं हैं। ट्विशा के आरोपी पति समर्थ और चचेरे भाई स्वराज से भी सीबीआई गहन पूछताछ कर चुकी है। गुरुवार को गिरिबाला सिंह से लगातार 7 घंटों तक पूछताछ हुई। CCTV फुटेज से छेड़छाड़ के मामले में वे बुरी तरह घिर गईं। फुटेज का समय व अन्य कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। सूत्रों के अनुसार इस दौरान पूर्व जज गिरिबाला सिंह भावुक भी हो गईं। जांच अधिकारियों की लगातार पूछताछ में उन्होंने कहा कि हमने बहू को बेटी की तरह रखा।
गिरिबाला सिंह पर प्रमुख रूप से CCTV फुटेज से छेड़छाड़ का आरोप लग रहा है। सीबीआई ने अपनी पूछताछ पर इसपर फोकस किया। जांच अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने वारदात के दूसरे ही दिन 13 मई को DVR जब्त कर लिया था, इसके बावजूद आरोपी पक्ष के पास घटना का फुटेज था।
इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर CCTV फुटेज की ट्विशा केस से संबंधित जो क्लिप वायरल हुईं, वे भी चुन चुनकर लीक की गईं थीं। जांच एजेंसी का मानना है कि कथित रूप से साक्ष्य प्रभावित करने के उद्देश्य से चुनिंदा क्लिप ली गईं थीं। इनमें समर्थ द्वारा पत्नी को सीपीआर देने की कोशिश करने की क्लिप भी थी। मामले में पहली बार कोर्ट के समक्ष यह आरोप डिटेल से रखा गया कि आरोपी पक्ष ने CCTV फुटेज से छेड़छाड़ की।
सीबीआई ने सास गिरिबाला सिंह से ट्विशा को कथित रूप से गर्भपात के लिए मजबूर किए जाने का सवाल भी पूछा। इसे उन्होंने पूर्ण रूप से नकार दिया। इन सवालों के बीच गिरिबाला कुछ भावुक भी हुईं। उन्होंने जांच अधिकारियों से बार-बार कहा कि हमने ट्विशा को बेटी की तरह रखते थे। गिरिबाला सिंह के इन दावों के बीच भी सीबीआई अधिकारी अडिग रहे और प्रश्न पूछते रहे।
बता दें कि ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद से ही ससुराल पक्ष इस बात पर जोर दे रहा है कि बहू से सभी परिजनों का गहरा लगाव था। तब मीडिया में सास गिरिबाला सिंह ने भी कहा था कि हमने ट्विशा की हर जरूरत का पूरा ख्याल रखा। उसके साथ बहू नहीं बल्कि बेटी जैसा व्यवहार किया था पर हमें ही अपराधी की तरह कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।