Giribala Singh- ट्विशा शर्मा मौत मामले में घिरी हैं पूर्व जज गिरिबाला सिंह व बेटा समर्थ सिंह, सीन रीक्रिएशन के लिए घर लाई थी सीबीआई
Giribala Singh- ट्विशा शर्मा मौत मामले में घिरीं पूर्व जज गिरिबाला सिंह व बेटे समर्थ सिंह की सीबीआई की रिमांड आज खत्म हो रहा है। दोनों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। इसके लिए गिरिबाला सिंह व समर्थ सिंह को लेकर सीबीआई अधिकारी भोपाल कोर्ट के लिए रवाना हो चुके हैं। इससे पहले सोमवार को ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की हकीकत जानने सीबीआई ने क्राइम सीन रीक्रिएशन भी किया। सभी गवाहों और आरोपियों के बयानों का परीक्षण किया। क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए गिरिबाला सिंह को सीबीआई जब घर लेकर आई तो वे काफी तेज चाल से चलती दिखीं। सीबीआई और सुरक्षाकर्मी गिरिबाला सिंह के पीछे-पीछे भागते दिखे।
क्राइम सीन रीक्रिएशन में ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के अलावा चचेरे भाई स्वराज व नौकरों के साथ वारदात के समय का घटनाक्रम दोहराया गया। फंदे पर पुतला लटकने के बाद सबसे पहले समर्थ ने सहारा देकर ऊपर उठाया था। सास गिरिबाला ने गले से फंदा खोला। फिर चचेरे भाई स्वराज सिंह और नौकर की मदद से नीचे उतारा गया। स्वराज ने ट्विशा को सीपीआर देने की प्रक्रिया भी दोहराई।
करीब साढ़े तीन घंटे तक यह कवायद की गई। पूरी घटना की वीडियोग्राफी भी कराई। सीबीआई द्वारा तैयार कराए गए ट्विशा के पुतले का फंदा गिरिबाला सिंह ने महज 10 सेकंड में खोल दिया।
मुख्य आरोपी समर्थ सिंह व उनकी मां गिरिबाला सिंह, ट्विशा से मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं। ऐसे में क्राइम सीन रीक्रिएशन की अहमियत बढ़ गई है। सोमवार को दोपहर में पूरे घटनाक्रम के दौरान फॉरेंसिक टीम ने कई अहम बिंदू नोट किए। इस दौरान यह देखा कि जिस तरह मौत होने का दावा किया, वह सच में संभव था या नहीं। जांच अधिकारी बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान करते रहे।
सीबीआई अपनी जांच प्रक्रिया के तहत गिरिबाला सिंह को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके आवास पर ले गई थी। कार कुछ दूर पहले ही रोक ली गई थी। CBI के जांच अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच पूर्व जज गिरिबाला सिंह तनकर चलती रहीं। उनकी चाल भी काफी तेज थी। कुर्ता और पेेंट पहने गिरिबाला सिंह सधी चाल से तेज गति से घर की ओर बढ़ते रहीं जबकि जांच अधिकारी उनके पीछे चलते रहे।