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सीबीएसई: पहले पूरी फीस जमा करो फिर मिलेगा प्रवेशपत्र, 17 फरवरी से परीक्षा

पीटीएम में फरमान, अभिभावकों ने की शिकायत, राजधानी में 150 सीबीएसई स्कूल

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CBSE पत्रिका-फोटी

भोपाल. राजधानी के निजी सीबीएसई स्कूलों में परीक्षा के दौरान फीस की मनमानी सामने आई। स्कूलों ने अभिभावकों के नाम फरमान जारी किया है। अभिभावकों को प्रवेशपत्र के लिए स्कूल बुलाया गया लेकिन देने में पूरी फीस को जमा करने की शर्त रखी। शनिवार को इसके मामले सामने आए। खाली हाथ लौटे अभिभावकों ने इसकी शिकायत भी की है।
शहर में डेढ़ सौ निजी सीबीएसई स्कूल हैं। यहां से 25 हजार स्टूडेंट परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड प्रवेशपत्र बोर्ड ऑनलाइन जारी कर चुका है। स्कूलों के माध्यम से ये स्टूडेँट को दिए जा रहे हैं। स्कूलों से अभिभावकों इसके मैसेज मिले थे। अभिभाावक सुनील सिंह ने बताया कि चर्च रोड निजी स्कूल पहुंचे थे। फीस में केवल एक हजार रुपए बकाया है। प्रवेशपत्र देेने से इंकार कर दिया गया। अभिभावक प्रकाश मालवीय ने बताया 17 से परीक्षा है। प्रवेश पत्र न मिला तो बोर्ड परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।

परीक्षा से वंचित नहीं कर सकते स्कूल, मौलिक अधिकारों का हनन

फीस के कारण स्टूडेंट को परीक्षा से वंचित नहीं रखा जा सकता है। यह शिक्षा के मौलिक अधिकारों के दायरे में हैं। इसके कोर्ट भी निर्देश चुका है। बावजूद इसके स्कूल मनमानी कर रहे हैं।

सीबीएसई- परीक्षा

  • कक्षा 10वीं- 17 फरवरी से 11 मार्च, 2026 तक।
  • कक्षा 12वीं - 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक।
  • राजधानी से 25 हजार स्टूडेंट होंगे शामिल

अभिभावकों को स्कूल फीस न चुकाने के नाम पर प्रवेशपत्र से वंचित रख रहे हैं। ऐसे मामले सामने आए हैं। शिक्षा और परीक्षा बच्चों के मौलिक अधिकारों के तहत है। इसका हनन करना अपराध की श्रेणी में है।
प्रबोध पांड्या, सचिव, पालक महासंघ

स्कूल फीस के आधार पर किसी को परीक्षा देने से नहीं रोक सकते। फीस के आधार पर अगर प्रवेशपत्र रोके जा रहे हैं तो ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी।
अरविंद चौरबड़े, संभागीय संयुक्त संचालक