हीट एक्शन प्लान की भिवाड़ी में कोई कार्य योजना दिखाई नहीं देती है। हीट एक्शन प्लान भिवाड़ी स्थित जिला अस्पताल में बनाए गए लू ताप घात वार्ड तक सीमित दिखाई देता है। भिवाड़ी उद्योग क्षेत्र में लाखों की संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। इनके लिए किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कूलिंग सेंटर नहीं है।
भिवाड़ी. हीट एक्शन प्लान की भिवाड़ी में कोई कार्य योजना दिखाई नहीं देती है। हीट एक्शन प्लान भिवाड़ी स्थित जिला अस्पताल में बनाए गए लू ताप घात वार्ड तक सीमित दिखाई देता है। भिवाड़ी उद्योग क्षेत्र में लाखों की संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। इनके लिए किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कूलिंग सेंटर नहीं है। मई जून में दिन के साथ रात भी तपती हैं। तापमान 45 डिग्री के आसपास रहता है। झुग्गी झोंपड़ी और छोटे कमरों में रहने वाले परिवार गर्मी से बुरी तरह त्रस्त रहते हैं, इसके बावजूद यहां गर्मी से निजात दिलाने के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
हीट एक्शन प्लान यानी (एचएपी) एक सरकारी दस्तावेज और रणनीति है जिसे गर्मी और लू से होने वाली मौतों को रोकने के लिए बनाया जाता है। जब तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और लगातार कई दिन तक लू चलती है, तो इससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और मौत तक हो सकती है। इसी खतरे से निपटने के लिए राज्य, जिला और शहर स्तर पर एचएपी तैयार किया जाता है। देश में पहला एचएपी 2013 में अहमदाबाद में लागू हुआ था। उसके बाद कई राज्य इसे अपना रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी गर्म राज्यों के लिए एचएपी बनाना अनिवार्य किया है।
पूर्व चेतावनी तंत्र में मौसम विभाग जब हीटवेव की चेतावनी जारी करता है। रोकथाम के लिए सार्वजनिक जगहों पर प्याऊ, वाटर टैंकर, कूलिंग शेल्टर बनाए जाते हैं।
मजदूर, मनरेगा श्रमिक के लिए दोपहर 12 से 3 बजे काम बंद किया जाता है। अस्पतालों को तैयार रखा जाता है, वहां ओआरएस आईवी फ्लूड, आइस पैक, हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार किया जाता है। स्कूलों का समय बदलकर सुबह जल्दी छुट्टी या गर्मी में स्कूल बंद किया जाता है।
आईएमडी के अनुसार देश में 2024 सबसे गर्म सालों में से एक रहा। राजस्थान, यूपी, बिहार, दिल्ली में तापमान 47-50 डिग्री तक पहुंचा। 2023 में हीटवेव से 200 से ज्यादा मौतें रिपोर्ट हुईं। डब्ल्यूएचओ कहता है कि हीटवेव जलवायु परिवर्तन की वजह से और तेज और लंबी होंगी। अहमदाबाद में एचएपी लागू होने के बाद वहां हीटवेव से होने वाली मृत्यु में 40 फीसदी तक कमी आई।
औद्योगिक शहर भिवाड़ी में गर्मी ने इस बार अप्रैल से ही अपना प्रचंड रूप दिखाया। तापमान 45 डिग्री पार कर चुका है और आईएमडी ने जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भिवाड़ी इंडस्ट्रियल क्षेत्र प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है। यहां स्टील, टेक्सटाइल, केमिकल और ऑटो की हजारों फैक्ट्रियां हैं। दिनभर भ_ियां चलती हैं और कंक्रीट की सडक़ों-इमारतों की वजह से अर्बन हीट आइलैंड का असर बहुत तेज है। करीब दो लाख प्रवासी मजदूर फैक्ट्रियों में शेड या खुले प्लांट में काम करते हैं। दोपहर 12 से तीन बजे सबसे ज्यादा जोखिम रहता है। गर्मियों में कई कॉलोनियों में जलापूर्ति कम हो जाती है। भिवाड़ी एनसीआर का प्रदूषित शहर है। लू के साथ प्रदूषण मिलकर हालत और खराब करता है। एचएपी के तहत सभी फैक्ट्रियों में दोपहर के समय काम को बंद रखा जाए। इस दौरान लंच ब्रेक होना चाहिए, जिससे श्रमिकों को आराम मिल सके। नगर परिषद को शहर में कई जगह हीट रिलीफ सेंटर बनाने चाहिए। यहां ठंडी हवा के साथ पानी का इंतजाम होना चाहिए।
हीट एक्शन प्लान को लेकर मुख्यालय से कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। जिसकी वजह से कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की गई है।
मुकेश चौधरी, आयुक्त, नगर परिषद
हीट एक्शन प्लान को लेकर भिवाड़ी में कोई रोडमैप नहीं है। इसके तहत क्या किया जाना है, इसके बारे में अभी तक कोई बैठक नहीं हुई है।
अमित जुयाल, आरओ, आरपीसीबी