# भिवाड़ी

उत्पादन कैसे बढ़ेगा, विद्युत भार वृद्धि के लिए फैक्ट्रियों को कई महीने का इंतजार

औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों को विद्युत भार वृद्धि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। मांगराशि जमा कराने के कई महीने बाद भी फाइल लंबित चल रही है। औद्योगिक इकाई संचालकों ने मांगपत्र राशि जमा करा दी है लेकिन उनकी भार वृद्धि नहीं हुई, जिससे उनका उत्पादन नहीं बढ़ा है।

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प्रसारण निगम और वितरण निगम के बीच घूम रही फाइल

भिवाड़ी. औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों को विद्युत भार वृद्धि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। मांगराशि जमा कराने के कई महीने बाद भी फाइल लंबित चल रही है। औद्योगिक इकाई संचालकों ने मांगपत्र राशि जमा करा दी है लेकिन उनकी भार वृद्धि नहीं हुई, जिससे उनका उत्पादन नहीं बढ़ा है। मांगराशि जमा कराए कई महीने बीत चुके हैं। उनकी मोटी राशि निगम में जमा हो चुकी है, उसका उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा है जबकि निगम की ओर से मांगपत्र निकालने पर राशि जमा नहीं होने पर 60 दिन में आदेश निरस्त हो जाता है। इस तरह मांगपत्र राशि जमा होने के बाद भी उपभोक्ताओं को कोई संतुष्टिपूर्ण जबाव नहीं दिया जा रहा है।

इन बड़ी इकाइयों के मामले अटके

भिवाड़ी 220 केवी जीएसएस पर केसरी एलॉय को छह से आठ मेगावाट का लोड करना है, फाइल दो महीने से लगी है। प्रसारण निगम ने कारण बताया है कि 220 केवी कारोली की लाइन से आपूर्ति शुरू होने पर भार वृद्धि की जाएगी।
132 केवी चौपानकी में श्रीराम पिस्टन ने साढ़े 11 मेगावाट से साढ़े 12 मेगावाट करने की फाइल चार महीने से लगाई है। प्रसारण निगम ने 220 केवी कारोली पर नीमराना लाइन से जुडऩे के बाद ही भार वृद्धि होना बताया है।
खुशखेड़ा 220 केवी पर श्रीसीमेंट ने 15.2 से 17 मेगावाट भार वृत्रि करने की फाइल दो महीने से लंबित है। इसके लिए भी कारोली जीएसएस का नीमराना से जुडऩे पर भार वृद्धि संभावित होगी।
220 केवी खुशखेड़ा पर फियाम इंडस्ट्रीज का 4.2 मेगावाट का लोड है। कंपनी को डेटिकेटिड फीडर चाहिए। फीडर 220 केवी कारोली से दिया जाएगा। खुशखेड़ा में 33 की वे के लिए जगह नहीं है। नीमराना वाली लाइन नहीं आएगी, तब तक डेटिकेटड फीडर नहीं दिया जा सकता। इसका मामला चार महीने से लंबित है।

जीएसएस की भार क्षमता

132 केवी जीएसएस नीलम चौक की क्षमता 200 एमवीए है, अभी विद्युत भार 116 एमवीए, विस्तार की संभावना 40 एमवीए है। 220 केवी जीएसएस बिलाहेड़ी की क्षमता 460 एमवीए है। अभी विद्युत भार 394 एमवीए है। खुशखेड़ा 220 केवी की क्षमता 325 एमवीए, अभी भार 290 एमवीए, विस्तार की संभावना 20 एमवीए। 132 केवी चौपानकी की क्षमता 100 एमवीए, अभी भार 94 एमवीए है। 132 केवी जीएसएस बीएमआरटी की क्षमता 100 एमवीए है, अभी विद्युत भार 64 एमवीए है। विस्तार की संभावना 20 एमवीए है। 220 केवी कारोली की क्षमता 160 एमवीए, अभी भार 160 एमवीए है।

तेज गर्मी में चरमरा रहा विद्युत तंत्र

एक तरफ तेज गर्मी ने आमजन को तपा रहा है, दूसरी तरफ विद्युत निगम और प्रसारण निगम का तंत्र भी कमजोर साबित हो रहा है। कई बार विद्युत उपकरणों के खराब होने से घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। 220 केवी जीएसएस बिलाहेड़ी में 11 केवी तीन नंबर फीडर का ब्रेकर फटने से 10 घंटे बिजली बाधित रही। खुशखेड़ा 220 मेन बस का जंपर टूट गया, जिससे जीएसएस के सभी फीडर की आपूर्ति तीन घंटे बाधित रही। खुशखेड़ा में ट्रांसफार्मर की सीटी खराब होने से चार घंटे आपूर्ति बाधित रही। 132 नीलम चौक पर बे्रकर फटने और सीटी खराब होने से कई बार व्यवधान आ चुका है। कहरानी गिरधर रोल केमिकल फैक्टरी में आग लगने से उक्त फीडर पर आने वाली इकाइयों की आपूर्ति 24 घंटे बाधित रही।

अलवर सर्किल में प्रसारण निगम ने किसी भी भार वृद्धि की फाइल को लंबित नहीं रखा है। श्रीसीमेंट में लाइन का काम नहीं होने से फाइल लंबित है।
महीपाल यादव, एसई, प्रसारण निगम

प्रसारण निगम को तकनीकि रिपोर्ट जारी करने के लिए भेज दी गई। भार वृद्धि के मामले में प्रसारण निगम से स्वीकृति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जेपी बैरवा, एसई, ओएंडएम