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ACB Action: जमीन बंटवारे के लिए रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, एसीबी की टीम ने रंगे हाथों दबोचा दबोचा

Acb Action:15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ग्राम डोंगीतराई स्थित पटवारी कार्यालय में की गई।

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रिश्वत लेते हुए प्रतीकात्मक तस्वीर: AI

ACB Action: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बोरतरा हल्का के पटवारी ओमकार सोनवानी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ग्राम डोंगीतराई स्थित पटवारी कार्यालय में की गई।

ACB Action: किसान ने पटवारी को केमिकल लगे नोट दिया

बोरतरा निवासी किसान नरोत्तम साहू जमीन बंटवारे के लिए पिछले चार महीने से भटक रहा था। पटवारी ने काम के एवज में 25 हजार रुपए मांगे थे, लेकिन सौदा 15 हजार में तय हुआ। साजा मुख्यालय स्थित कार्यालय में जैसे ही किसान ने पटवारी को केमिकल लगे नोट दिए। एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। हाथ धुलाने पर रंग बदलने से रिश्वत की पुष्टि हुई।

किसान ने लगाई न्याय की गुहार

पटवारी की लगातार बढ़ती जा रही पैसों की मांग और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार पीड़ित किसान ने कानून का सहारा लेने का मन बनाया। किसान ने चुपके से रायपुर/दुर्ग स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के कार्यालय में पहुंचकर आरोपी पटवारी के खिलाफ लिखित में एक लिखित शिकायत दर्ज करा दी।

किसान ने अपनी शिकायत में साफ तौर पर बताया कि किस तरह सरकारी मुलाजिम उसके जायज काम को रोकने की धमकी देकर पैसों की उगाही करने पर आमादा है। एसीबी के आला अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत शिकायत का सत्यापन कराया और पटवारी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल (ट्रेप) बिछाने की तैयारी शुरू कर दी।

रिश्वत की रकम बरामद

शिकायत का सत्यापन करने पर मामला सही पाया गया। जांच के दौरान आरोपी पटवारी ने मोलभाव के बाद पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई। इसके बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार को जैसे ही प्रार्थी ने आरोपी पटवारी को 15 हजार रुपये दिए, ACB की टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की।

राजस्व विभाग में मचा हड़कंप

ACB ने आरोपी पटवारी ओमकार सोनवानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।