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Chhattisgarh News: शराब की बोतलों पर CM और प्रभारी मंत्री की फोटो लगाने की मांग, बेमेतरा से Viral हुआ अनोखा आवेदन

Sushasan Tihar 2026: सतीश ने अपने आवेदन में मांग की है कि जिस प्रकार शासन की विभिन्न योजनाओं और प्रचार सामग्री में मुख्यमंत्री तथा प्रभारी मंत्री की तस्वीरें लगाई जाती हैं, उसी तरह शासन द्वारा बेची जाने वाली शासकीय शराब की बोतलों पर भी मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री की फोटो अंकित की जाए।

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सोशल मीडिया पर वायरल अनोखी एप्लीकेशन (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। जिला बेमेतरा के विकासखंड नवागढ़ अंतर्गत ग्राम कुंवारा निवासी सतीश मारकंडे का एक अनोखा आवेदन इन दिनों लगातार वायरल हो रहा है।

Chhattisgarh News: शराब की बोतलों पर नेताओं की तस्वीर लगाने की मांग

बताया जा रहा है कि सतीश ने अपने आवेदन में मांग की है कि जिस प्रकार शासन की विभिन्न योजनाओं और प्रचार सामग्री में मुख्यमंत्री तथा प्रभारी मंत्री की तस्वीरें लगाई जाती हैं, उसी तरह शासन द्वारा बेची जाने वाली शासकीय शराब की बोतलों पर भी मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री की फोटो अंकित की जाए।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि शासन की योजनाओं और अन्य सरकारी गतिविधियों में जनप्रतिनिधियों के चित्रों का उपयोग किया जाता है, तो समान रूप से सभी शासकीय उत्पादों और व्यवस्थाओं में भी यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए।

सुशासन तिहार के दौरान दिया गया आवेदन

बताया जा रहा है कि यह आवेदन सुशासन तिहार के अवसर पर आबकारी विभाग को सौंपा गया था। जैसे ही यह आवेदन सामने आया, वैसे ही यह स्थानीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया और धीरे-धीरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से वायरल होने लगा।

सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

मामला वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे व्यंग्यात्मक और तंज के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे शासन व्यवस्था पर एक तरह का प्रतीकात्मक विरोध मान रहे हैं। वहीं कई लोगों का कहना है कि यह आवेदन एक अलग सोच और ध्यान आकर्षित करने का अनोखा तरीका है।

आवेदनकर्ता ने की पुष्टि

मामले की पुष्टि तब और पुख्ता हो गई जब नईदुनिया संवाददाता ने आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान सतीश मारकंडे ने स्वयं आवेदन देने की बात स्वीकार की, जिसके बाद यह मुद्दा और अधिक सुर्खियों में आ गया। फिलहाल इस पूरे मामले पर विभाग की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आबकारी विभाग इस आवेदन को किस रूप में लेता है और क्या इस पर कोई औपचारिक जवाब जारी किया जाता है या नहीं।