Rajasthan Development Project: बांसवाड़ा जिले में 2500 करोड़ रुपए की लागत से बन रही अपर हाई-लेवल कैनाल परियोजना भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के कारण धीमी पड़ गई है। 102.38 किलोमीटर लंबी इस नहर से 308 गांवों की 42 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
Land Acquired In Banswara Villages: बांसवाड़ा जिले के 308 गांवों को सिंचित करने के लिए 2500 करोड़ की लागत से चल रहा अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना का कार्य वर्तमान में जमीन अधिग्रहण के चलते अटका हुआ है। जमाबंदी में खातेदारों के अधिक नाम होने और उनमें सहमति नहीं बनने से मुआवजे को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी गांव-गांव चक्कर लगा रहे है। लेकिन निष्कर्ष नहीं निकल रहा है और परियोजनाओं का कार्य धीमी गति से चल रहा है।
सिंचाई विभाग के अनुसार अपर हाईलेवल कैनाल परियोजना में कुल 78 गांवों में से भूमि का अधिग्रहण होना है लेकिन वर्तमान में 67 गांवों के ही अवार्ड जारी हो पाए है और यहां भी चेक वितरण कार्य पूरा नहीं हो पाने से जमीन अधिग्रहण का कार्य फिलहाल रुका हुआ है। कैनाल जाल की वर्तमान सिर्फ पूरी परियोजना का 40 प्रतिशत कार्य ही हो पाया है।
योजना से जिले की 6 तहसीलों के 308 नॉन-कमांड गांवों को पानी मिलेगा। इससे इन गांवों की 42 हजार हैक्टेयर जमीन सिंचित होगी। इनमें बांसवाड़ा, बागीदौरा, कुशलगढ़, सज्जनगढ़, गागरतलाई और आनंदपुरी ब्लॉक शामिल है। वर्तमान में इन गांवों की खेती बारिश पर ही निर्भर है। नहर के बनने से यहां के किसानों को बारिश के अलावा भी सिंचाई को पानी मिल सकेगा।
वर्तमान में परियोजना के तहत टनल और विभिन्न प्रकार के स्ट्रक्चर जैसे एकोडक्ट साइफन एवं टनल व ओपन कैनाल सहित लगभग 36 किमी. यानि 36000 मीटर नहर का कार्य निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें चार टनल का कार्य 1200 मीटर की लंबाई में कार्य हो चुका है। इसके अलावा कुछ ओपन जगह पर कैनाल का कार्य भी पूरा हो चुका है। विभाग के अनुसार सिर्फ कैनाल के कार्य की प्रगति की बात की जाए तो लगभग 36 से 37 प्रतिशत कार्य अभी तक हुआ है।
एक खसरे में एक अधिक वितरण में परेशानी है। विभागीय अधिकारी गांवों में घूम रहे हैं और खातेदारों की सहमति बना रहे है।
कमलेश मीणा, अधिशाषी अभियंता, अपर हाई कैनाल प्रथम