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‘CBI ने बचा लिया’, बंगाल CM के पीए हत्याकांड में गलत गिरफ्तार हुए राज सिंह को था एनकाउंटर का डर!

Ballia news: सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए बलिया के राज सिंह ने जेल से छूटने के बाद सीबीआई का आभार जताया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कस्टडी में उन्हें डर लग रहा था...

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बलिया: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की 6 मई को हत्या किए जाने के बाद मामले में एक के बाद एक कई गिरफ्तारियां की गई हैं। इसी मामले में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के रहने वाले राज सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, परिवार द्वारा पर्याप्त सबूत पेश किए जाने के बाद राज सिंह को बुधवार की शाम जेल से रिहा कर दिया गया और फिलहाल वह निर्दोष साबित हुए हैं। जेल से छूटने के बाद राज ने बताया है कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं था और एनकाउंटर का डर सता रहा था।

राज ने सीबीआई को दिया धन्यवाद

राज ने बताया कि कोलकाता पुलिस ने अयोध्या पुलिस की मदद से उन्हें 11 मई को गिरफ्तार किया गया था। जेल से छूटने के बाद राज ने बताया है कि अगर केस सीबीआई को ट्रांसफर नहीं किया गया होता तो उन्हें पुलिस द्वारा एनकाउंटर किए जाने का डर सता रहा था। राज ने बताया कि पुलिस उन्हें गोली मारने की धमकी देकर डरा रही थी। उन्होंने सीबीआई के अधिकारियों का धन्यवाद जताया है। राज ने बताया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने जहां उन्हें रखा था वहां वे लोग बांग्ला भाषा में बातचीत कर रहे थे और उनकी भाषा संदिग्ध लग रही थी।

राज ने बताया है कि मामले में जब सीबीआई ने परिवार द्वारा सबूत देखें तो उन्हें निर्दोष पाया। उन्होंने बताया कि बाद में कोलकाता एसटीएफ ने भी सबूत को माना और उन्हें निर्दोष पाया। राज ने कहा कि यदि उनके परिवार के पास से सीबीआई को सीसीटीवी फुटेज, कपड़े के शोरूम से कपड़ा खरीदने का बिल नहीं दिखाया होता तो शायद वह खुद को बेगुनाह साबित नहीं कर पाते।

सीबीआई ने अदालत से की थी रिहाई की मांग

दरअसल, सीबीआई ने मंगलवार को बारासात अदालत में याचिका दायर कर बलिया निवासी राज सिंह की रिहाई की मांग की। एजेंसी ने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम ने गलत व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। अदालत ने याचिका स्वीकार कर राज सिंह को रिहा करने का आदेश दे दिया।

अयोध्या से हुई थी गिरफ्तारी

राज सिंह 7 मई को बलिया के आनंद नगर निवासी एमएलसी पप्पू सिंह की बेटी की शादी में शामिल होने लखनऊ गए थे। शादी में भाग लेने के बाद वह गेस्ट हाउस में रुके। अगली सुबह परिवार अंबेडकर नगर पहुंचे, मखदूम अशरफ बाबा के मंदिर में दर्शन किए और फिर अयोध्या पहुंचे। अयोध्या में खाना खाने के बाद जब वह निकल रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोककर गिरफ्तार कर लिया था।