Sitapur MLA Statement: नायब तहसीलदार की पिटाई मामले में विधायक की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश के समस्त तहसीलदार व राजस्व अधिकारी-लिपिक हैं हड़ताल पर, विधायक बोले- बिना दबाव के एफआईआर हो गया, हड़ताल करने की क्या जरूरत है
अंबिकापुर। सीतापुर विधायक की बहन से बद्तमीजी के आरोप में नायब तहसीलदार की पिटाई (Naib Tehsildar beaten) का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विधायक और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक ओर जहां छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सेवा संघ से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं, वहीं विधायक (Sitapur MLA Statement) का कहना है कि हड़ताल करने या काम छोडऩे की क्या जरूरत है, वे खुद ही गिरफ्तारी देंगे। यदि ऐसा होता तो बिना दबाव के एफआईआर दर्ज नहीं होता।
विधायक रामकुमार टोप्पो (Sitapur MLA RamKumar Toppo) के समर्थन में जनता की भारी भीड़ सीतापुर के रेस्ट हाउस में जमा हो रही है। इसे लेकर विधायक ने कहा कि मैं कल से इसी विषय पर सीतापुर की जनता और समर्थकों से अपील करना चाह रहा हूं और आज भी करता हूं कि पैनिक न हों। भीड़ इकट्ठा करने की जरूरत नहीं है। कहीं कुछ नहीं हो रहा है।
रही बात अधिकारियों-कर्मचारियों की, तो इसमें हड़ताल करने का विषय ही नहीं है। यदि ऐसा होता तो बिना दबाव के एफआईआर दर्ज कैसे होता? मैंने आज जांच में पूरा सहयोग किया है। बात गिरफ्तारी की है तो मैं स्वत: ही गिरफ्तारी दूंगा। इसमें हड़ताल या काम छोडऩे की बात ही नहीं है।
सीतापुर विधायक ने कहा कि हम पूर्ण रूप से न्यायपालिका के साथ हैं, अपने शासन के साथ हैं और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। मैं अपने दल और बड़े अधिकारियों को सूचना देने के बाद जहां भी उचित होगा, वहां गिरफ्तारी दूंगा। इस दौरान उन्होंने सीतापुर (Sitapur people) की समस्त जनता, संभाग के लोगों से जिनका समर्थन मेरे लिए आ रहा है उन्हें धन्यवाद किया और अपील की कि सभी शांति बनाए रखें।
सीतापुर विधायक की बड़ी बहन ग्राम कोटछाल निवासी सीमा धनकी जमीन शाख शोध प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर कराने 27 मई को राजापुर उपतहसील पहुंची थीं। उन्होंने वहां पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक (Naib Tehsildar beaten case) से हस्ताक्षर करने कहा था। आरोप है कि इस दौरान नायब तहसीलदार ने उनकी फाइल फेंकी और उनसे बद्सलूकी करते हुए ऑफिस से बाहर निकलने कहा था।
इधर नायब तहसीलदार का आरोप है कि इसके बाद विधायक द्वारा नायब तहसीलदार को राजापुर चौराहे पर बुलाया गया था। वे एसडीएम के साथ वहां पहुंचे थे। इस दौरान उनके समर्थकों ने पहले उनकी पिटाई की, फिर विधायक ने भी उन्हें मारा। उनका कहना था कि उन्होंने कोई बद्तमीजी नहीं की थी।
इस मामले में नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर विधायक रामकुमार टोप्पो (FIR against MLA) और उनकी 10 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि विधायक की बहन की रिपोर्ट पर नायब तहसीलदार के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया गया है। अब विधायक व उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशभर के तहसीलदार आज कलमबंद हड़ताल पर हैं। कई अधिकारी काली पट्टी लगाकर भी समर्थन कर रहे हैं।