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Rajasthan Pre-Deled Exam 2026: अलवर सहित पूरे प्रदेश में 6 लाख छात्र दे रहे एग्जाम, AI और CCTV से पहरा

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) द्वारा आयोजित प्री-डीएलएड (Pre-Deled 2026) परीक्षा आज, बुधवार 20 मई को पूरे राजस्थान में शुरू हो गई है। प्रदेश के 41 जिलों में दो पारियों में हो रही इस परीक्षा में 6 लाख से ज्यादा छात्र बैठ रहे हैं। नकल और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए पहली बार एआई (AI) और लाइव सीसीटीवी कैमरों से सख्त निगरानी रखी जा रही है।

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सेंटर के बाहर लगी परीक्षार्थियों की लाइन (फोटो - पत्रिका)

राजस्थान में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए आज का दिन बेहद बड़ा है। आज यानी बुधवार, 20 मई को प्रदेश भर में प्री-डीएलएड परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा को पूरी तरह साफ-सुथरा, नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए वीएमओयू के कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस बार डमी कैंडिडेट (फर्जी परीक्षार्थी) और नकल माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा के ऐसे अभेद्य इंतजाम किए गए हैं, जो पहले कभी नहीं देखे गए।

एआई से निगरानी

पूरी परीक्षा पर पैनी नजर रखने के लिए जयपुर के कॉमर्स कॉलेज में एक हाई-टेक 'स्टेट कमांड सेंटर' बनाया गया है। प्रदेश के सभी 41 जिलों के 887 परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी लाइव फीड (सीधा प्रसारण) सीधे जयपुर के इसी कमांड सेंटर को मिल रही है। इतना ही नहीं, इस परीक्षा में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो हर संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ लेगा।

अलवर में 28 परीक्षा केंद्र बनाए

अगर स्थानीय स्तर की बात करें, तो अलवर जिला समन्वयक डॉ. अशोक आर्य ने बताया कि अकेले अलवर जिले में 28 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 16,567 परीक्षार्थी आज परीक्षा दे रहे हैं। यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित हो रही है। पहली पारी सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रखी गई, वहीं दूसरी पारी दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच आयोजित की जा रही है।

इस बार परीक्षा केंद्रों पर नियमों को लेकर विशेष सख्ती बरती जा रही है। जिला सह-समन्वयक डॉ. कर्मवीर सिंह के मुताबिक, सभी केंद्रों पर पुलिस का कड़ा जाब्ता तैनात है। परीक्षार्थियों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया गया है और केंद्र में एंट्री से पहले उनकी गहन तलाशी के साथ-साथ बायोमेट्रिक जांच भी की जा रही है।


एंट्री टाइमिंग को लेकर भी कड़े नियम हैं; पहली पारी के लिए सुबह 7:30 से 8:30 बजे तक और दूसरी पारी के लिए दोपहर 1:00 से 2:00 बजे तक ही गेट खोले गए। गेट बंद होने के बाद किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई। परीक्षार्थियों के लिए मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूरी तरह बैन हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी अभ्यर्थी नकल या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ राज्य सरकार के नए कड़े कानून के तहत जेल भेजने और भारी जुर्माने की कठोर कार्रवाई की जाएगी।